कैद में मजदूरी और बर्बरता... मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री में मौतों का सच क्या है?
मुजफ्फरनगर की जिस फैक्ट्री से 12 कथित बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया, वहां की कहानी सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन तक सीमित नहीं है. आरोप है
मुजफ्फरनगर की जिस फैक्ट्री से 12 कथित बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया, वहां की कहानी सिर्फ रेस्क्यू ऑपरेशन तक सीमित नहीं है. आरोप है कि मजदूरों को करीब दो साल तक बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया, उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ और इस दौरान कुछ मजदूरों की मौत भी हुई. इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. फिलहाल मुक्त कराए गए मजदूरों को पुनर्वास योजना के तहत 30-30 हजार की मदद देकर घर भेजा गया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.
