Anti-Drug Awareness: शाह बोले- ड्रग्स बड़ी चुनौती, हमने छेड़ी जंग; तमिलनाडु में CM जागरुकता अभियान में पहुंचे
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर देश के युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर देश के युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए सरकार के अटूट संकल्प पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार एक सुरक्षित समाज के निर्माण और प्रभावित व्यक्तियों को उचित देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर दिया जोर अमित शाह ने एक्स पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा प्रशासन नशे की लत से प्रभावित लोगों की देखभाल करते हुए तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने लिखा, 'नशीली दवाओं के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं के खिलाफ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने नशीले पदार्थों के गिरोहों का निर्मम उन्मूलन करके और प्रभावित व्यक्तियों को उचित देखभाल और सहानुभूति प्रदान करके नशीली दवाओं के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है।' नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर बैठक की अध्यक्षता करेंगे पोस्ट में लिखा था कि यह दिन हमारी युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।
#नशामुक्तभारत।' शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही मादक पदार्थों पर नियंत्रण के लिए "विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029" जारी करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित इस बैठक में 44 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के प्रमुख हितधारकों के साथ-साथ राज्य सरकारों और मादक पदार्थों से संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि हाइब्रिड मोड में एक साथ आएंगे। बैठक में क्या होगा? इस बैठक से देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सरकार की 'शून्य सहिष्णुता नीति' को और मजबूत करने की उम्मीद है, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर दिया है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री "नशीली दवाओं पर नियंत्रण (2026-2029) संबंधी विजन दस्तावेज" जारी करेंगे। गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बयान में कहा, 'केंद्र सरकार के संबंधित विभागों, मादक पदार्थों से संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के माध्यम से तैयार किया गया यह विजन दस्तावेज मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए मांग में कमी, आपूर्ति में कमी और नुकसान में कमी के पहलुओं को संबोधित करने के लिए एक साझा रोडमैप प्रदान करेगा।' इसके साथ ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं उन विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संगठनों की सराहना करता हूं जो इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं।
उनके प्रयास एक मजबूत, स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत बनाने की दिशा में सार्थक योगदान दे रहे हैं। आइए, हम सब मिलकर जागरूकता फैलाएं, नशा छोड़ने की प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों का समर्थन करें और अपने युवाओं को नशे के बजाय उम्मीद, सेहत और जीवन के मकसद को चुनने के लिए प्रेरित करें।'वहीं,तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को चेन्नई के मरीना बीच पर 'स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स' एंटी-ड्रग अवेयरनेस रन को हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' के मौके पर आयोजित किया गया था और मुख्यमंत्री खुद भी इसमें शामिल हुए। ट्रैकसूट, स्नीकर्स और धूप के चश्मे पहने विजय ने 'स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स' टी-शर्ट पहने प्रतिभागियों के साथ दौड़ते हुए जोरदार तालियां बटोरीं। क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस? 26 जून को मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र का एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है।
