कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में मृतकों की संख्या 14 हुई, 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 14 हो
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 14 हो गई। दुर्घटना के करीब 24 घंटे से अधिक समय के बाद बाद भी कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह भी मलबे से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिसके बाद मलबे से बाहर निकाले गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई है। राज्य सरकार की ओर से मृतकों और घायलों की सूची जारी कर दी गई है। जान गंवाने वालों की पहचान कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17), घी कुमार (17), असगर हुसैन (54), साहिल सरदार (17), हसन इमाम (44), गणेश कलंदी (45), नवीन सिंह (44), स्वपन मंडल (56) के रूप में हुई है।घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी पीड़ितों का विवरण जुटाने और उनकी आधिकारिक पुष्टि करने के प्रयास जारी हैं। जल्द ही सभी के बारे में जानकारी जुटा ली जाएगी। बता दें कि ताराजतला इलाके में बुधवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हो गया था। यहां एक निर्माणाधीन गोदाम का हिस्सा अचानक ढह गया था, जिससे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे। इस संबंध में विधानसभा में एक बयान में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
दुर्घटना के कारण पर अधिकारियों ने क्या कहा? हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि तारातला क्षेत्र में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार दोपहर मजदूर रोजाना की तरह निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान गोदाम की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर पड़ा था। भारी मलबा गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई लोग उसके नीचे दब गए। हादसे के समय कई मजदूर निर्माण स्थल पर मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी काफी लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
इसी वजह से बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
