दावा-केतन को धक्का देने के बाद सिया मदद को चिल्लाई:मां बोलीं- बेटी अगर दोषी, उसे भी किले से नीचे फेंक दो
पुणे में मंगतेर केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। केतन को जिस लोहगढ़ किले से धक्का दिया गया था। वहां के गार्ड
पुणे में मंगतेर केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। केतन को जिस लोहगढ़ किले से धक्का दिया गया था। वहां के गार्ड ने बताया कि उसने सिया के चिल्लाने की आवाज सुनी थी। गार्ड धीरज जाधव के मुताबिक, चीख-पुकार सुनकर वह मौके पर पहुंचे तो मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल मदद के लिए चिल्ला रहे थे। मैंने सिया गोयल से पूछा क्या हुआ, तो उसने कहा कि यहां से कोई गिर गया है। इसके बाद मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उधर सिया गोयल की मां पूजा गोयल ने कहा है कि इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था। सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। सिया पर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या करने का आरोप है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। मां बोलीं- सिया शादी को लेकर खुश थी पिता प्रवीण गोयल ने कहा- केतन ही सिया को लोहगढ़ ले गया था केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था। दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था। दरअसल, 31 मई को सिया और मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया को उसे मारने का आइडिया आया। 14 जून को भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की कोशिश की थी, लेकिन केतन बच गया था।
सिया और चेतन को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ, एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे केतन मर्डर केस में उसकी मंगेतर सिया और सिया के लवर चेतन को 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक बुधवार देर रात दोनों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस दौरान दोनों का रवैया पूरी तरह बदल गया। चेतन ने पुलिस से कहा कि वह सिया के साथ भागना चाहता था, लेकिन सिया तैयार नहीं थी। केतन को रास्ते से हटाने और मर्डर का पूरा प्लान सिया ने ही जिद करके बनाया था। इतना कहते ही सिया ने चेतन पर पलटवार किया। उसने कहा कि हत्या का आइडिया चेतन का था। जब 14 जून को पहली बार केतन को मारने की कोशिश नाकाम रही थी, तब चेतन उसके सामने रोया था कि उसका प्लान फेल हो गया। हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि ये आरोपियों की डिफेंस स्ट्रेटेजी हो सकती है। पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। 31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घूमने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तो यहीं सिया को पहली बार केतन से पीछा छुड़ाने के लिए उसे पहाड़ी से धक्का देकर मार डालने का प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। तब केतन के घर वालों ने मना कर दिया। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। सभी लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले। पुणे ग्रामीण के SP संदीप सिंह गिल के मुताबिक केतन के साथ बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने उसका पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा।