Mobile Phone: चलते-चलते मोबाइल देखना बन रहा वैश्विक खतरा, बढ़ रहे हादसे; जापान से भारत-US तक बढ़ी चिंता
जापान टुडे के अनुसार हाल ही में जापान की राजधानी टोक्यो के व्यस्त इकेबुकुरो रेलवे स्टेशन पर 78 वर्षीय महिला एक ऐसे व्यक्ति की टक्कर
जापान टुडे के अनुसार हाल ही में जापान की राजधानी टोक्यो के व्यस्त इकेबुकुरो रेलवे स्टेशन पर 78 वर्षीय महिला एक ऐसे व्यक्ति की टक्कर से घायल हो गई, जो चलते समय मोबाइल फोन देख रहा था। यह घटना ऐसे समय हुई है जब जापान में अरुकी-सुमाहो (चलते हुए स्मार्टफोन का उपयोग) को लेकर वर्षों से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।टोक्यो अग्निशमन विभाग के अनुसार 2021 से 2025 के बीच मोबाइल देखते हुए पैदल चलने या साइकिल चलाने से जुड़े हादसों में 171 लोगों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
वर्ष 2025 में अकेले 43 मामले दर्ज किए गए। इनमें गिरना, सीढ़ियों या प्लेटफॉर्म से फिसलना तथा लोगों या वस्तुओं से टकराना प्रमुख कारण रहे।जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (एनपीए) के अनुसार 2025 में मोबाइल उपयोग से जुड़े 148 गंभीर या घातक सड़क हादसे भी दर्ज किए गए। इससे कई हादसे बढ़ने की शिकायतें आम हो गई हैं।भारत में मोबाइल और इंटरनेट यूजरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अनुसार देश में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 100 करोड़ से अधिक है, जबकि करोड़ों लोग स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं।हालांकि भारत में चलते समय मोबाइल उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं का अलग राष्ट्रीय डाटाबेस उपलब्ध नहीं है, लेकिन सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि महानगरों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो नेटवर्क और व्यस्त बाजारों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में मोबाइल देखते हुए सड़क पार करने या सीढ़ियों से गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं।
