बिचौलियों के जरिए हुई संसाधनों की निकासी: रिपोर्ट में खुलासा- बंगाल बन सकता है मेथनॉल उत्पादन का प्रमुख केंद्र
साल 2025 आते-आते राज्य की प्रति व्यक्ति आय अखिल भारतीय औसत से 23% कम हो गई और राज्य 19 वें नंबर पर पहुंच गया। स्टेट
साल 2025 आते-आते राज्य की प्रति व्यक्ति आय अखिल भारतीय औसत से 23% कम हो गई और राज्य 19 वें नंबर पर पहुंच गया। स्टेट बैंक रिसर्च की रिपोर्ट में बंगाल की वित्तीय स्थिति एवं हाल में आए बजट व भविष्य की योजनाओं का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में विकास की काफी संभावनाएं हैं।बिहार, ओडिशा, बंगाल और असम को जोड़ने वाले पूर्वी बहु-माध्यमीय विकास गलियारे को क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।
इसके लिए मौजूदा रेल, सड़क, बंदरगाह और अंतर्देशीय जलमार्ग परिसंपत्तियों का एकीकृत उपयोग होना चाहिए। ऐसा गलियारा पूर्वोदय के उद्देश्य को मजबूत करेगा। इससे कृषि, खनिज, एमएसएमई तथा पूर्वोत्तर भारत के व्यापार को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।कोलबेड मीथेन भंडार के मामले में बंगाल देश का सातवां सबसे बड़ा राज्य है। सीबीएम और कोयला गैसीकरण की उपलब्धता व भौगोलिक लाभ के कारण राज्य मेथनॉल उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त 2027 के लिए लाए गए बजट में निवेश-आधारित विकास और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में निर्णायक बदलाव हुआ है। यह बजट औद्योगीकरण, उत्पादक क्षमता निर्माण और दीर्घकालिक विकास में तेजी लाने की रणनीतिक दिशा में काम करेगा।पश्चिम बंगाल ने 2020 के एफआरबीएम अधिनियम में राजस्व घाटे को लक्ष्य के रूप में बनाए रखने की व्यवस्था समाप्त कर दी थी।
इसके बाद 2020 से राज्य का राजस्व घाटा और बढ़ गया। राज्य एफआरबीएम में निर्धारित बकाया ऋण से जीडीपी लक्ष्य कभी हासिल नहीं कर पाया।
