आरजी कर कांड: सीबीआई जांच की कछुआ चाल पर कलकत्ता हाईकोर्ट नाराज, कहा- तुरंत सामने लाएं साजिश का पूरा सच
जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि जांच पिछले साल अक्टूबर से
जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि जांच पिछले साल अक्टूबर से खिंच रही है। अदालत ने आदेश दिया कि इस मामले को अब और लटकाया नहीं जा सकता, सीबीआई तुरंत अपनी जांच को किसी तार्किक अंजाम तक पहुंचाए।हाईकोर्ट ने सीबीआई को कड़ा निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर जांच से जुड़े सारे दस्तावेज, सबूत और केस डायरी सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने पेश किए जाएं।
अदालत ने साफ किया कि पिछले आदेश के बाद कुछ लोगों से पूछताछ जरूर हुई है, लेकिन यह कार्रवाई इस बड़े मामले के लिहाज से कतई काफी नहीं है।यह पूरी कशमकश उस वक्त शुरू हुई जब पीड़िता के माता-पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका सीधा आरोप था कि घटना की रात से लेकर अंतिम संस्कार तक, साक्ष्यों को सोची-समझी साजिश के तहत मिटाया गया।
इस पर कोर्ट ने मई महीने में सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर की अगुवाई में एक विशेष तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसकी ढीली रफ्तार पर अब अदालत का गुस्सा फूटा है।कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त 2024 की रात एक 31 वर्षीय ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की दर्दनाक घटना हुई थी।
सेमिनार हॉल में मिले इस शव ने पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा किया। बाद में कोर्ट ने दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
