सिया-चेतन का CCTV वीडियो वायरल: केतन की हत्या से एक दिन पहले कैफे में की मुलाकात, तीसरे शख्स का नाम आया सामने
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। अब सामने आया है कि इस हत्या की पूरी
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। अब सामने आया है कि इस हत्या की पूरी साजिश एक कैफे में बैठकर रची गई थी। कैफे की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। जिसमें सिया और चेतन कैफे में बैठकर बातें करते नजर आ रहे हैं। दोनों ने वारदात से एक दिन पहले मुलाकात की थी। यही नहीं इस मामले में एक तीसरे शख्स का भी नाम सामने आ रहा है। वह चेतन का करीबी दोस्त नीरज। पुलिस को जांच में एक कैफे की सीसीटीवी फुटेज मिली है। जिसमें चेतन चौधरी और सिया दोनों साथ घूमते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिया और चेतन 17 जून की शाम पुणे के थर्ड वेव कैफे में मिले थे। कैफे के सीसीटीवी फुटेज में सिया और चेतन को करीब 4:35 बजे एंट्री करते दिख रहे हैं। इसके बाद चेतन और सिया कैफे के काउंटर से कुछ खाने-पीने की चीजों का ऑर्डर देते हैं।
इसके बाद वे कैफे के खुले एरिया में बैठकर बातें करते दिख रहे हैं।पुलिस के मुताबिक, दोनों लगभग एक घंटे तक कैफे में रहे और फिर शाम करीब 5:30 बजे बाहर निकल गए। माना जा रहा है कि इसी कैफे में बैठकर दोनों हत्याकांड की साजिश को अंतिम रूप दिया था। हालांकि पुलिस इस मामले की ओर कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है।इस हत्याकांड में एक और नाम जांच के घेरे में है। साजिश में चेतन का करीबी दोस्त नीरज की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या नीरज इस साजिश में सीधे तौर पर शामिल था या फिर उसे बिना जानकारी दिए उसके फोन का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल, पुणे पुलिस नीरज से पूछताछ कर रही है। नीरज पिछले तीन वर्षों से चेतन के साथ काम कर रहा था।जांच में सामने आया है कि वारदात के दिन आरोपी चेतन ने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
इसके बजाय उसने अपने दोस्त नीरज का फोन इस्तेमाल किया और उसी के जरिए वह सिया से संपर्क में था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या नीरज को पूरी योजना की जानकारी थी या फिर उसे अंधेरे में रखकर उसका फोन इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया ने केतन की हत्या की योजना पहले से ही बना रखी थी। बताया जा रहा है कि उसने तीन बार प्रयास किया और तीसरी बार में सफल रहा।पुलिस नीरज की भूमिका, मोबाइल इस्तेमाल और पूरी साजिश में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है, जिसमें डिजिटल सबूत और कॉल रिकॉर्डिंग अहम भूमिका निभा सकते हैं। चेतन के चाचा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चेतन अपना फोन दुकान पर छोड़कर गया था और नीरज का फोन लेकर गया था। उन्होंने कहा कि चेतन और नीरज अक्सर बातचीत और अन्य कामों के लिए एक-दूसरे के फोन का इस्तेमाल करते थे।
नीरज पिछले तीन-चार वर्षों से उनके यहां काम कर रहा है और परिवार के काफी करीब माना जाता है।अब जांच का फोकस नीरज कुमार के मोबाइल फोन और उससे जुड़े कॉल रिकॉर्ड, चैट्स तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों पर है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के दिन नीरज को फोन के इस्तेमाल की जानकारी थी या नहीं और क्या वह किसी भी तरह से इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ था। फिलहाल नीरज से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और देर रात तक उनसे पूछताछ जारी रही।
