Rahul Gandhi: 'युवाओं से माफी मांगें और इस्तीफा दें', राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रधान पर निशाना साधा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परिक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री आतंकवादी कह रहे हैं। जरा सोचिए- जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया। वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज उठाने वालों को दहशतगर्द बता रहे हैं।'राहुल गांधी ने आगे लिखा कि 'ये कोई नई बात नहीं है।
अन्नदाता किसानों को आंदोलनजीवी और परजीवी कहा गया। सवाल पूछने वालों को देश विरोधी और अब युवाओं को दहशतगर्द। जो सरकार से सवाल पूछे, उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है। धर्मेंद्र प्रधान को देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफा देना चाहिए।'राहुल गांधी ने कहा, 'आप मुझ पर जितने हमले कर लें, लेकिन जो शिक्षा व्यवस्था आज वसूली तंत्र बन गई है, उसे मैं ऐसी नहीं रहने दूंगा। हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले, इस आवाज को उठाना मैं कभी भी बंद नहीं करूंगा।'राहुल गांधी की यह टिप्पणी शिक्षा मंत्री के उस बयान के बाद आई है, जिसमें एक इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देश तोड़ने वाले लोगों की बी टीम कहा था।
उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में खारिज किए गए लोग भेस बदलकर आए हैं और अब व्यवस्था के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। नीट प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद से ही धर्मेंद्र प्रधान आलोचकों को निशाने पर हैं और विपक्षी पार्टियां उनका इस्तीफा मांग रही हैं।एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 9 की किताब में आपातकाल पर एक खंड शामिल करने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उस काले कारनामे के बारे में पता होना चाहिए।
मीडिया से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, यह सही है। एनसीईआरटी ने सही काम किया है। आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल के काले कारनामों के बारे में जानना और समझना चाहिए। ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न पैदा हो। इसलिए एनसीईआरटी ने इसे सबके सामने लाया है।'
