ED: 262 अयोग्य उम्मीदवारों को धोखाधड़ी से पॉलिटेक्निक लेक्चरर बनाया, तैयार किया ओएमआर शीट का एक अतिरिक्त सेट
ईडी ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2017 में दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था
ईडी ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2017 में दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि टीआरबी में परीक्षा के बाद स्कैनिंग के दौरान, आरोपियों ने स्कैन की गई तस्वीरों में डिजिटल रूप से बदलाव किया। फाइनल उत्तर कुंजी के मुकाबले कुछ खास उम्मीदवारों के नंबर बढ़ा दिए गए। आरोपियों ने खास उम्मीदवारों के नाम वाली 385 सेकेंडरी ओएमआर शीट का एक अतिरिक्त सेट तैयार किया था।नतीजतन, 262 अयोग्य उम्मीदवारों को धोखाधड़ी से पॉलिटेक्निक लेक्चरर पद के लिए योग्य दिखाया गया।
बाद में सार्वजनिक याचिकाओं के ज़रिए इस गड़बड़ी का पता चला, जिसके बाद दोबारा मूल्यांकन हुआ। नतीजा वापस लिया गया और मामला दर्ज हुआ। तमिलनाडु पुलिस ने पहली चार्जशीट 2021 में और दूसरी चार्जशीट अक्टूबर 2023 में दाखिल की थी।ईडी की जांच से पता चला कि वी. सुब्रमण्यन और उनके सहयोगी मिस्टर सुरेश पॉल की अगुवाई में आरोपियों ने डाटाटेक के टेक्निकल स्टाफ़ (शेख दाऊद नसार और I. रघुपति) की मदद से 2017 में परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की साज़िश रची। एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क के ज़रिए, उन्होंने इच्छुक उम्मीदवारों को निशाना बनाया।
कैश में 14–16 लाख रुपये जमा किए गए। इस तरह जमा किए गए कैश को 'म्यूल अकाउंट्स' और प्रॉक्सी फ़र्मों (ट्रस्ट एंटरप्राइजेज़, विज़डम एंटरप्राइजेज़ और सूर्यम एंटरप्राइजेज़) और सहयोगियों व परिवार के सदस्यों के खातों के ज़रिए घुमाया गया। बाद में इसे अचल संपत्ति और गहनों में बदल दिया गया।जांच एजेंसी की तलाशी का मकसद घोटाले से जुड़ी 'अपराध से हुई कमाई' का पता लगाना था। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक चीज़ें ज़ब्त की गईं, जिनमें एजेंटों/आरोपियों द्वारा जमा किए गए कैश का रिकॉर्ड, आरोपियों/एजेंटों के पास रखी अलग-अलग सरकारी परीक्षाओं की ओएमआर शीट की उम्मीदवार [कार्बन] कॉपी, उम्मीदवारों के अलग-अलग सर्टिफ़िकेट की कॉपी, डिजिटल सबूत वगैरह शामिल हैं।
13.18 लाख रुपये का कैश ज़ब्त किया गया। 56 बैंक खाते और 2 डीमैट खाते फ़्रीज़ कर दिए गए हैं। आरोपियों और उनके सहयोगियों के नाम पर मौजूद 36 अचल संपत्तियों की जानकारी/दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए हैं, जिनकी गाइडेंस वैल्यू लगभग 9.67 करोड़ रुपये है (मार्केट वैल्यू 20 करोड़ रुपये से ज़्यादा होगी)।
