India Japan Summit: भारत-जापान में सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज व ऊर्जा सहयोग पर सहमति बनने के आसार
इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और रणनीतिक तेल भंडार विकसित करने के लिए भी दोनों देशों के बीच निवेश समझौते होने की
इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और रणनीतिक तेल भंडार विकसित करने के लिए भी दोनों देशों के बीच निवेश समझौते होने की उम्मीद है। जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची एक जुलाई को भारत आएंगी। नई दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता होगी।
ताकाइची के साथ जापान की 55 प्रमुख कंपनियों के प्रमुख और प्रतिनिधि भी भारत आएंगे। इनमें से कई कंपनियां भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं।भारत और जापान के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब डॉलर रहा।
इस दौरान भारत ने जापान से 21.43 अरब डॉलर मूल्य के तांबा और उससे बने उत्पाद, विद्युत मशीनरी एवं उपकरण, अकार्बनिक रसायन तथा लोहा-इस्पात का आयात किया। वहीं भारत का जापान को निर्यात केवल 6.04 अरब डॉलर रहा, जिसमें परमाणु रिएक्टर से जुड़े उपकरण, तांबा और उससे बने उत्पाद, विद्युत मशीनरी एवं उपकरण तथा इस्पात शामिल हैं।
भारत अब अपने निर्यात को बढ़ाकर इस व्यापार असंतुलन को कम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
