Video: ग्रेटर चेन्नई नगर परिषद की बैठक में DMK और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी झड़प, Aiadmk ने भी काटा बवाल
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: A heated exchange of arguments broke out between DMK and Congress councillors during the Greater Chennai Corporation Council meeting on
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: A heated exchange of arguments broke out between DMK and Congress councillors during the Greater Chennai Corporation Council meeting on Wednesday afternoon, in the Zero Hour session. pic.twitter.com/gGF7tiIczN — ANI (@ANI) June 24, 2026 विवाद की शुरुआत वार्ड-182 का प्रतिनिधित्व करने वाले एआईएडीएमके पार्षद केपीके सतीश की टिप्पणी से हुई। उन्होंने बैठक में होने वाली चर्चाओं के स्वरूप पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह केवल अपने वार्ड से जुड़े मुद्दों पर बोलते हैं, जबकि कुछ पार्षद जनहित के विषयों की बजाय अपने दल के नेताओं की प्रशंसा करने में समय लगाते हैं।सतीश ने कहा कि इस पर आपत्ति जताने के बावजूद कई पार्षद बैठक के दौरान अपने नेताओं का गुणगान करते रहे।
उनकी इस टिप्पणी पर डीएमके पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद माहौल गरमा गया।इससे पहले बैठक में डीएमके पार्षद चित्रारसु ने आयुक्त और मेयर से अनुरोध किया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तस्वीर सभी जोनल कार्यालयों में लगाई जाए। इस पर मेयर प्रिया ने आयुक्त को औपचारिक परिपत्र जारी कर तस्वीरें लगाने के निर्देश देने को कहा।चित्रारसु ने पूर्ववर्ती डीएमके सरकार की भी सराहना करते हुए कहा, "पिछले पांच वर्ष इस बात का प्रमाण हैं कि द्रविड़ विचारधारा के बिना तमिलनाडु सिर ऊंचा करके नहीं चल सकता। डीएमके सरकार इस बात का उदाहरण है कि जनता की जरूरतों को समझकर और उनका समाधान करके ही कोई सरकार लोगों के दिलों में स्थायी जगह बना सकती है।" उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके व्यवहार की सराहना मुख्यमंत्री विजय भी करते हैं।बैठक के दौरान डीएमके पार्षद दुरैराज ने मुख्यमंत्री विजय पर भी निशाना साधा।
उन्होंने विधानसभा की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, "कल मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा के भीतर जो किया, वह बचकाना था। वह अभी भी एक अभिनेता की तरह व्यवहार कर रहे हैं।"दुरैराज का इशारा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विजय द्वारा किए गए हाथ के इशारे की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह इशारा डीएमके के समय और कथित भ्रष्टाचार के खत्म होने का संकेत देने के लिए किया गया था।दुरैराज ने डीएमके नेतृत्व की तुलना करते हुए कहा, "हमारे नेता ने जनता के लिए कड़ी मेहनत की और मुख्यमंत्री बने, न कि रील बनाकर और उस पर भरोसा करके।"उन्होंने कहा, "डीएमके कई बार विपक्ष में रही है और एक मजबूत विपक्ष के रूप में जानी जाती है।
हम भरोसा दिलाते हैं कि हम मेहनत करेंगे और फिर से बड़ी संख्या में वापसी करेंगे।"इस बीच, ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन की बैठक को लेकर टीवीके पार्षद गिरिधरन ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "मैंने जीरो आवर में बोलने के लिए समय मांगा था, लेकिन केवल नौ सदस्यों को मौका दिया गया। सामान्य तौर पर 15 से 16 सदस्यों को बोलने का अवसर मिलता है। यह डीएमके परिषद की अपरिपक्वता को दर्शाता है।"
