Samwad 2026: हरिद्वार कुंभ में धामी की योजना, विराट के संन्यास और धुरंधर के क्लाइमैक्स तक... संवाद की झलकियां
पूरे दिन चले मंथन और विचारों के इस महाकुंभ के मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछले 10-13 वर्षों
पूरे दिन चले मंथन और विचारों के इस महाकुंभ के मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछले 10-13 वर्षों में देश के राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में बड़ा बदलाव आया है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मौजूदा सरकार के कार्यकाल में किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए नड्डा ने कहा, पहले हम सबके प्रयास से जीतते थे, लेकिन सरकार सीमित हो जाती थी। अब भारत नेतृत्व की क्षमता के साथ तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।धुरंधर फिल्म में जमील जमाली के किरदार से घर-घर में लोकप्रिय हो चुके अभिनेता राकेश बेदी ने दिलचस्प अंदाज में बताया कि भले ही अब उनकी पहचान दुनिया के आगे 'धुरंधर' जैसी हो चुकी है, लेकिन बीवी के आगे उनकी हैसियत छछूंदर जैसी ही है। राकेश बेदी ने पुलिस की तरफ से आतंकवादी समझे जाने का वाकया भी साझा किया। संघर्ष भरे दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, एक समय ऐसा भी था जब उनके बच्चे नाराज हो गए थे।एक अन्य सत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर के साथ सतत विकास को लेकर अपनाई जाने वाली नीतियों को लेकर राज्य सरकार के ऊर्जा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा नीतियों और रिन्यूएबल इकॉनमी और 2070 तक नेट जीरो जैसे अहम विषय पर बात की।
इसी सत्र के दौरान सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के निदेशक संजय शर्मा ने राज्य में जलविद्युत (हाइड्रो पावर) की अपार संभावनाओं पर भी विस्तार से बात की।अगले सत्र में देश की शिक्षा नीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल और युवाओं से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से बात हुई। शिक्षा जगत से जुड़ी हस्तियों में देहरादून की चर्चित संस्था- ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) तेजस्वी घनशाला और वीएमएसबीयूटीयू (Veer Madho Singh Bhandari Uttarakhand Technical University) की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने भाग लिया। दोनों शिक्षाविदों ने शिक्षा व्यवस्था पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, भविष्य के रोजगार, नई तकनीकों के साथ लगातार बदलती कौशल की जरूरतों पर विस्तार से बात की।एक अन्य सत्र के दौरान शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने राजनीति और धर्म अध्यात्म से जुड़ी विभूतियों के बीच संबंधों की मर्यादा, मौजूदा दौर में पत्रकारों और मीडिया की भूमिका पर बात की। अमर उजाला की सराहना करते हुए स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने कहा, पत्रकारिता एक मिशन और विजन है, केवल प्रमाणपत्र से नहीं बनती। पत्रकारिता, धर्माचार्य और राजनेता खून देने के लिए बने हैं, खून पीने के लिए नहीं।इसके बाद आयोजित सत्र के दौरान क्रिकेट की बारीकियों और ऑफ द रिकॉर्ड कहानियों पर दिलचस्प बातें हुई।
भारत के लिए इंटरनेशल क्रिकेट खेलने और अब कमेंटेटर के तौर पर खास पहचान बना चुके दिग्गज- मोहम्मद कैफ और आकाश चोपड़ा के बीच क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट की चुनौतियों, टीम इंडिया के उभरते सितारों और विराट कोहली जैसे दिग्गज के इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास जैसे पहलुओं पर बातें हुईं।सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने अमर उजाला संवाद उत्तराखंड के मंच पर मणिपुर में हिंसा से उपजे तनाव और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बतौर मध्यस्थ पाकिस्तान की भूमिका पर भी बात की। पूर्वोत्तर भारत और जम्मू-कश्मीर में सेना के अहम पदों पर सेवा दे चुके लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने बताया कि मणिपुर में संघर्ष के कई कारणों में जनसंख्या, जमीन और विधानसभा में प्रतिनिधित्व जैसे पहलू शामिल हैं।देहरादून की वादियों में हुए अमर उजाला संवाद के मंच पर सिनेमा की दुनिया से जुड़ी स्याह हकीकत कास्टिंग काउच पर भी बात हुई। 'पाताल लोक' में हथौड़ा त्यागी और 'स्त्री' में जना के किरदार से विशेष पहचान बनाने वाले अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, शोषण हर इंडस्ट्री में होता है। जहां भी पावर है, वहां शोषण है।
