निर्जला एकादशी व्रत के नियम क्या हैं? इन 5 कामों की है मनाही
Nirjala Ekadashai: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन सभी चौबीस एकादशियों में निर्जला एकादशी का स्थान सर्वोच्च है. ज्येष्ठ मास के
Nirjala Ekadashai: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन सभी चौबीस एकादशियों में निर्जला एकादशी का स्थान सर्वोच्च है. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ने वाली इस तिथि को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है. मान्यता है कि महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने बिना जल ग्रहण किए इस व्रत का पालन किया था, जिसके फलस्वरूप उन्हें सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त हुआ था. वर्ष 2026 में यह व्रत 25 जून को रखा जाएगा.
