जहां पड़ने थे फेरे, वहां चल गए लाठी-डंडे, बिना दुल्हन लौट गई बारात, जानें किस बात पर हुआ बवाल
झारखंड के गढ़वा जिले में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब एक मामूली विवाद ने पूरे समारोह को हिंसा की आग
झारखंड के गढ़वा जिले में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब एक मामूली विवाद ने पूरे समारोह को हिंसा की आग में झोंक दिया. आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बारातियों और ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट हुई.
लाठी-डंडे और पत्थर चले, कई लोग घायल हुए और आखिरकार शादी की रस्में पूरी नहीं हो सकीं. दूल्हा बिना दुल्हन के ही बरात लेकर वापस लौट गया. घटना केतार थाना क्षेत्र के बांसडीह गांव के बिगहा टोला की है.
यहां ददई पासवान की पुत्री खुशबू कुमारी की शादी पलामू जिले के ऊंटारी थाना क्षेत्र के पाड़ेयपुरा गांव निवासी दशरथ राम के पुत्र राजू कुमार
के साथ तय हुई थी. शादी समारोह में बरात धूमधाम से पहुंची थी और जयमाला कार्यक्रम भी शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया था.
