Mallikarjun Kharge: 'छात्रों की आवाज को आतंकियों की गूंज कहना गलत', धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर खरगे हमलावर
क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे? 90 पेपर लीक हुए हैं, करोड़ों छात्रों का भविष्य बरबाद हुआ है, 20 बच्चों ने NEET Paper Leak की वजह से
क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे? 90 पेपर लीक हुए हैं, करोड़ों छात्रों का भविष्य बरबाद हुआ है, 20 बच्चों ने NEET Paper Leak की वजह से अपनी जान ले ली, परिवार तबाह हो गए… पर मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कुर्सी पर चिपककर, इंटरव्यू देते हुए “छात्रों की गूँज” को “दहशतगर्द” (Terrorists) बता रहे हैं।…— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 24, 2026 छात्र संगठन ने क्यों जताई नाराजगी? नीट और पेपर लीक का मुद्दा क्यों गरमाया? खरगे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षा पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक मामले के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की और अनेक परिवार बर्बाद हो गए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय शिक्षा मंत्री आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को 'आतंकियों की गूंज' बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में 'छात्रों की गूंज' और तेज होगी तथा धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार से सवाल करता है, उसे देश विरोधी बताया जाता है। खरगे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले किसानों को 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' कहकर संबोधित किया था और अब छात्रों की आवाज को भी इसी तरह दबाने की कोशिश की जा रही है।छात्र संगठन सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे युवाओं को 'आतंकवादियों की बी टीम' बताना बेहद आपत्तिजनक है। दिपके ने कहा कि देश के युवा आतंकवादी नहीं हैं और उन्हें देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने का अधिकार किसी को नहीं है।कांग्रेस लगातार नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रही है। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठन प्रदर्शन भी कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।धर्मेंद्र प्रधान की कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
आने वाले दिनों में संसद और सड़कों पर यह मुद्दा और तेज हो सकता है। विपक्ष शिक्षा मंत्री से माफी और इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
