Railways: लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बड़ी तैयारी,इन रूटों पर चल सकती है वंदे भारत स्लीपर; जानिए पूरी लिस्ट
भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को पूरी तरह बदलने की दिशा में काम रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता के बाद रेलवे
भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को पूरी तरह बदलने की दिशा में काम रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता के बाद रेलवे का फोकस अब वंदे भारत स्लीपर संस्करण के विस्तार पर है, ताकि यात्रियों को तेज, आधुनिक और अधिक आरामदायक सफर का विकल्प मिल सके। दरअसल, स्लीपर ट्रेन को खास तौर पर रातभर और लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक बर्थ, बेहतर रोशनी व्यवस्था, आरामदायक सीटें, कम शोर वाले कोच और अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं दी जाएंगी। रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को ऐसा यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है, जो गति और आराम के मामले में हवाई यात्रा की बराबरी कर सके। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा और कामाख्या के बीच संचालित हो रही है। यह ट्रेन पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ती है और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और आधुनिक सफर का विकल्प उपलब्ध कराती है।मुंबई और बेंगलुरु के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधा शुरू हो सकती है। रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन देश के दो बड़े कारोबारी शहरों के बीच रात भर की यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगी।
माना जा रहा है कि, यह देश का दूसरा वंदे भारत स्लीपर कॉरिडोर हो सकता है। हालांकि, ट्रेन का समय, स्टॉपेज और किराया अभी तय नहीं किया गया है और रेलवे की ओर से इसकी विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जा सकती है।नई दिल्ली और मुंबई के बीच भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभिन्न रिपोर्टों में इस रूट को भविष्य के वंदे भारत स्लीपर नेटवर्क के लिए मजबूत दावेदार बताया गया है। रेलवे की स्लीपर विस्तार योजना के तहत इस कॉरिडोर को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह देश की राजनीतिक राजधानी नई दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ता है। हालांकि, इस रूट पर ट्रेन शुरू करने को लेकर अभी आधिकारिक समय-सारणी और लॉन्च की तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।नई दिल्ली-अहमदाबाद रूट भी उन संभावित मार्गों में शामिल है, जहां भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे प्रीमियम रात्रिकालीन यात्रा सेवाओं के विस्तार के तहत इस कॉरिडोर पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, इस रूट पर ट्रेन संचालन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसे वंदे भारत स्लीपर नेटवर्क के विस्तार की योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।नई दिल्ली-हावड़ा रूट भी उन प्रमुख मार्गों में शामिल है, जहां भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जा सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी को कोलकाता से जोड़ने वाले इस कॉरिडोर को लंबी दूरी और भारी यात्री मांग के कारण मजबूत दावेदार माना जा रहा है।नई दिल्ली-चेन्नई रूट को भी भविष्य की वंदे भारत स्लीपर सेवाओं के संभावित कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। यह ट्रेन उत्तर और दक्षिण भारत के बीच प्रीमियम रात्रिकालीन यात्रा का नया विकल्प बन सकती है। लंबी दूरी और दोनों शहरों के बीच बड़ी यात्री मांग को देखते हुए रेलवे इस रूट को वंदे भारत स्लीपर नेटवर्क के विस्तार की योजना में शामिल कर सकता है।नई दिल्ली- सिकंदराबाद रूट भी उन संभावित कॉरिडोर में शामिल है, जहां भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में अतिरिक्त वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैनात करने की तैयारी कर रहा है और इस रूट पर भी नजर रखी जा रही है।नई दिल्ली-पुणे रूट भी भविष्य की वंदे भारत स्लीपर सेवाओं के संभावित कॉरिडोर में शामिल है। प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र के बड़े केंद्र के रूप में पुणे की बढ़ती अहमियत को देखते हुए इस रूट पर भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने पर चर्चा हो रही है।मुंबई-अहमदाबाद रूट भी उन संभावित मार्गों में शामिल है, जहां भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की जा सकती है।
