Samwad 2026: 'मैंने तो बस गीत लिखे हैं, खारे-खारे पानी से'; धर्मगुरु राज राजेश्वरानंद ने बताई संत की परिभाषा
अमर उजाला संवाद उत्तराखंड के मंच पर आज जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम भी पहुंचे। उन्होंने चर्चा की शुरुआत में काव्यात्मक लहजे में कहा कि संत
अमर उजाला संवाद उत्तराखंड के मंच पर आज जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम भी पहुंचे। उन्होंने चर्चा की शुरुआत में काव्यात्मक लहजे में कहा कि संत के राजनीतिक सरोकार नहीं होते। उन्होंने कहा, 'मैंने तो बस गीत लिखे हैं, खारे-खारे पानी से'। स्वामी राजराजेश्वराश्रमने संत की परिभाषा भी बताई। चर्चा के दौरान उन्होंने मौजूदा दौर में पत्रकारों की भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा कि ऐसी दोधारी तलवार पर वही चल सकता है जो साहसी हो।
उन्होंने अमर उजाला को पत्रकारिता के मानदंड स्थापित करने के लिए साधुवाद भी दिया।धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के अलावा भारत की सनातन परंपरा पर विस्तृत चर्चा से पहले अमर उजाला संवाद के मंच पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अध्यात्मिक और प्रेरक वक्ता देवी चित्रलेखा, हाल ही में आई फिल्म धुरंधर से विशेष लोकप्रियता हासिल करने वाले अभिनेता राकेश बेदी के साथ भी अलग-अलग विषयों पर विस्तार से बातें हुई।
इन विषयों के अलावा सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक इस्तेमाल और सतत विकास को लेकर अपनाई जाने वाली नीतियों पर भी चर्चा हुई। हरिद्वार में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ को लेकर सरकार क्या
तैयारियां कर रही है, देवभूमि पर होने वाले इस आयोजन की धार्मिक-सांस्कृतिक अहमियत क्या है इन पहलुओं पर भी उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन और जूना अखाड़ा के प्रेम गिरि महाराज की मौजूदगी में चर्चा हुई।
