'एक बार आंख खोल लो बेटा...' मां की चीख सुन फूट पड़ा हर किसी का दिल, दादी की तेरहवीं पर निकली पोते की अर्थी
जिंदगी कभी-कभी ऐसा घाव दे जाती है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल हो जाता है. कानपुर के दो घरों में ऐसा ही दर्द पसरा
जिंदगी कभी-कभी ऐसा घाव दे जाती है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल हो जाता है. कानपुर के दो घरों में ऐसा ही दर्द पसरा था. घर के आंगन में सन्नाटा था, लेकिन उस सन्नाटे को चीरती माताओं की चीखें हर किसी की आंखें नम कर रही थीं. लखनऊ के भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले संयम विज और सूरजभान सिंह के शव जब उनके घर पहुंचे तो ऐसा लगा जैसे पूरे मोहल्ले का दिल एक साथ टूट गया हो.
