News Updates: त्रिपुरा में डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर लगी रोक; कल देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी कांग्रेस
राज्य मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इस फैसले को शुरुआत में एजीएमसी और जीबीपी अस्पताल में लागू किया जाएगा। ये दोनों राज्य के प्रमुख सरकारी
राज्य मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर इस फैसले को शुरुआत में एजीएमसी और जीबीपी अस्पताल में लागू किया जाएगा। ये दोनों राज्य के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि इस फैसले के तहत इन अस्पतालों में तैनात सभी डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों को पूरी तरह से इस नई नीति का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा।इस रोक के बदले राज्य सरकार ने डॉक्टरों के मूल वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी देने का फैसला किया है, ताकि वे पूरी तरह सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दें और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए त्रिपुरा सामान्य भर्ती बोर्ड(जीआरबीटी) के जरिये 186 तकनीकी सहायकों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।मुख्यमंत्री माणिक साहा स्वयं एक डॉक्टर रहे हैं। वह लंबे समय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। सरकार जल्द ही इस नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और इसके पालन की निगरानी के लिए व्यवस्था भी बनाई जाएगी। कांग्रेस के 28 नेता कल देशभर में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि 25 जून को देशभर में 'छात्रों की गूंज' नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिनमें 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। पार्टी ने कहा कि वह शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और 'संघीकरण' को बढ़ावा दिया है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं किया गया है। पार्टी का कहना है कि आज देश में केवल बेरोजगारी ही नहीं, बल्कि रोजगार क्षमता का भी संकट है। कांग्रेस ने कहा, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है।
पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों से इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है। इस अभियान के तहत 28 शहरों में नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बंगलूरू में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियांक खरगे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार सहित अन्य नेता शामिल हैं।
