भरत तिवारी एनकाउंटर में बैकफुट पर सरकार:sdpo-sho और पुलिसकर्मियों पर 7वें दिन हत्या की FIR, मां ने कहा था- बेटे को घेर कर गोली मारी
17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ। एनकाउंटर के बाद लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ। एनकाउंटर के बाद लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। एनकाउंटर के 7वें दिन इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीच SDPO, शाहपुर थाने के SHO और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। SP राज ने एफआईआर की पुष्टि की है। भरत तिवारी की मां ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर सरेंडर करने के बाद गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई थी। वहीं पुलिस की ओर से एनकाउंटर की कार्रवाई बताई गई थी। दैनिक भास्कर ने इस मामले में पुलिस की 5 बड़े झूठ, अफसरों की नाकामी और जिम्मेदार चेहरों को उजागर किया था। सबसे पहले ये तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए, भरत तिवारी की मां आशा देवी की ओर से दिए गए आवेदन में क्या-क्या लिखा है? भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उसकी मां आशा देवी की ओर से 18 जून को भोजपुर के SP राज को मुठभेड़ में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया था। हालांकि, आशा देवी की ओर से दिया गया आवेदन फिलहाल विचाराधीन था। एसपी राज को दिए गए आवेदन में आशा देवी ने लिखा था कि 17 जून को सुबह 8 बजे शाहपुर थाना अध्यक्ष के साथ अन्य पुलिसकर्मी, जगदीशपुर SDPO के नेतृत्व में एक टीम मेरे घर आई। टीम ने भरत तिवारी से कहा कि जहां जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापित रह रहे हैं, वहां हम लोगों के साथ चलो और बताओ कि वहां उन लोगों की क्या समस्या है, उनकी क्या मांग है।
आवेदन में आशा देवी ने यह भी कहा था कि जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के पास पहुंचने पर फेसबुक पर लाइव हुआ और अपनी मांगों को बताने के बाद हथियार जमीन पर फेंककर खुद को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे बेटे को घेर लिया। फिर जगदीशपुर के एसडीपीओ के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने भरत को 5 गोलियां मारकर घायल कर दिया। इसके बाद भरत को लेकर चले गए। घटना के बाद मेरे पति और भरत के पिता काशीनाथ तिवारी को दिनभर शाहपुर थाने में बंद रखा गया। शाम को हम लोगों को सूचना दी गई कि आपके बेटे की मौत हो गई है। एनकाउंटर में शामिल जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के एसएचओ और अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरे बेटे को न्याय मिल सके। अब जानिए, भरत तिवारी एनकाउंटर में दर्ज 3 FIR कब दर्ज की गई, दर्ज FIR में क्या लिखा गया है? पहली FIR (17 जून) पहली FIR में भरत भूषण तिवारी के साथ उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है। यह मामला तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज किया गया, जबकि इसकी जांच की जिम्मेदारी ASI बबीता देवी को सौंपी गई। FIR के अनुसार, कांड संख्या 759/26 के तहत पुलिस टीम 16 जून की सुबह करीब 4:40 बजे भरत तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलौटी गांव स्थित उसके घर पहुंची। पुलिस का दावा है कि सुबह लगभग 5:10 बजे दरवाजा खुलवाने पर भरत तिवारी पुलिस को देखते ही आक्रामक हो गया और पिस्टल तान दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा बंद कर दिया। आरोप है कि भरत घर की छत पर चढ़ गया और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित पोजीशन लेकर अपना बचाव किया।