भरत एनकाउंटर पर अनिरुद्धाचार्य बोले-सरकार को जनता पापी कहेगी:शरण में आए व्यक्ति को मारना पाप है; पुलिस वाले रामचरितमानस पढ़ें
17 जून को भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस के रवैये पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी भरत
17 जून को भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस के रवैये पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी भरत एनकाउंटर पर बिहार सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि जनता की हत्या करना किसी भी राजा के लिए पाप है। इस हाल में जनता आपको पापी राजा कहेगी। भरत ने किसी की हत्या नहीं की थी, अगर की होती तो एनकाउंटर कीजिए। नेताओं को समझना चाहिए कि वे जनता से वोट लेते हैं। अगर वोट लेने के बाद उसी जनता को दबाना और मारना शुरू कर देंगे, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सरकार ये ठीक नहीं कर रही। भरत ने अपराध के मकसद से हथियार नहीं उठाया है अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा कि उस युवक ने किसी की हत्या करने या अपराध करने के मकसद से हथियार नहीं उठाया था। वह अपने इलाके और समाज का काम करवाने के लिए अधिकारियों के पास गया था, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। ऐसे में उसने विरोध का रास्ता अपनाया। इसके बावजूद पुलिस ने उसे मार डाला। जब हम में से किसी की बात नहीं सुनी जाएगी तो कोई न कोई व्यक्ति आगे आएगा ही। कथावचक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आतंकवादी है या उसने कई हत्याएं की हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में किसी को आपत्ति नहीं हो सकती। अगर कोई आतंकवादी है, बड़ा अपराधी है, उसने 10-20 हत्याएं की हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। ADG लॉ एंड ऑर्डर बोले- चूक हुई है इधर, सोमवार को ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने कहा कि भरत तिवारी का जो मुठभेड़ मामले में दो FIR दर्ज की गई है। गोली चलाने का निर्देश किसने दिया, इन सारी बातों का जिक्र एफआईआर में है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही सामने आई है कि जब पहली बार यानी 16 जून को पुलिस पदाधिकारी भरत तिवारी के घर गए, उसे पुलिस पदाधिकारियों ने ठीक से हैंडल नहीं किया, टाइमली उसे काबू में नहीं ला सके। भरत एनकाउंटर एनकाउंटर की पूरी कहानी जानिए 16 जून भोजपुर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें शाहपुर के रहने वाले 30 साल के भरत भूषण तिवारी ने पुलिस-प्रशासन को खुलेआम चुनौती दी और मांगों को पूरा न करने के संबंध में आरोप लगाए।
दरअसल, शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले 2 साल से शाहपुर प्रखंड के जवइनियां गांव और आसपास के लोग गंगा में आई बाढ़ के बाद कटाव से प्रभावित थे। पिछले साल यानी 2025 में जवइनियां गांव के 600 से ज्यादा घर गंगा में समा गए थे। तब से भरत पीड़ितों की आवाज उठा रहा था। गांव के लोगों का कहना है कि भरत लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलता था और पीड़ितों की समस्याएं उठाता था। विस्थापित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने के लिए लगातार प्रयास करता था। सोशल मीडिया पर वीडियोज देखने के बाद 15 जून को शाहपुर थाना के SHO अपनी पूरी टीम के साथ भरत तिवारी के घर पहुंचे। भरत घर पर नहीं था। भरत की मां 55 साल की आशा देवी का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने धमकी दी, कहा कि पहले तुम लोगों का, फिर भरत का खेल खत्म करेंगे। भरत को जब धमकी की जानकारी हुई, हथियार लेकर आया भरत जब बाहर से घर लौटा तो उसकी मां ने पुलिस के आने और धमकी देने की बात बताई। इसके बाद भरत कुछ देर के लिए बाहर गया और थोड़ी देर बाद लौट आया। वहीं, 16 जून को ही दोपहर में दोबारा शाहपुर थाने के SHO अपनी टीम के साथ भरत के घर पहुंचे। इसी दौरान भरत ने पिस्टल निकाल ली और SHO के सामने एक पुलिसकर्मी को ठोक देने की धमकी देने लगा। इस दौरान हथियार छीनने और भरत को गिरफ्तार करने के बजाए करीब 4 घंटे तक SHO कुर्सी पर बैठकर भरत से बात करते रहे, बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शाम को लौट गए। 16 जून की देर रात और 17 जून के तड़के शाहपुर थाने की पुलिस ने भरत की गिरफ्तारी के लिए उसके घर की घेराबंदी की, लेकिन भरत घर से बाहर नहीं निकला और सुबह छत पर चढ़कर घर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों को धमकाने लगा और फायरिंग भी की। थोड़ी देर बाद जब पुलिस कुछ दूर तक चली गई, तो भरत बाढ़ पीड़ितों को जहां रखा गया था, उस इलाके में पहुंच गया।