बेटा चिल्लाता रहा, मैं बेबस देखता रहा...लखनऊ में पिता के कान में गूंज रही शहजान की आखिरी चीख
'पापा... मुझे बचा लो...' ये वो आखिरी शब्द थे जो लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले शाहजान ने अपने पिता से कहे थे. सबसे पहले
'पापा... मुझे बचा लो...' ये वो आखिरी शब्द थे जो लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले शाहजान ने अपने पिता से कहे थे. सबसे पहले फोन पर बेटे की आवाज सुनकर पिता महज दस मिनट में कोचिंग सेंटर पहुंच गए, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी.
पिता ने अंदर जाने की कोशिश की, लोगों से मदद मांगी, मिन्नतें कीं, लेकिन आग की लपटों के सामने वह बेबस हो गए. उनका आरोप है कि लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे और फायर ब्रिगेड भी देर से पहुंची.
इस दर्दनाक हादसे में शाहजान और अम्मार समेत 15 लोगों की जान चली गई. बाराबंकी के दोनों परिवारों में मातम पसरा है. इकलौते बेटे शाहजान
को खोने के बाद मां सदमे में है और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
