कानपुर के संयम और सूरज... दो दोस्त, दोनों के पिता नहीं, दो मांओं की एक जैसी बदकिस्मती
कानपुर के दो घरों में सोमवार दिन तक सब कुछ सामान्य था. गोविंद नगर में एक परिवार दादी की तेरहवीं की तैयारी में जुटा था
कानपुर के दो घरों में सोमवार दिन तक सब कुछ सामान्य था. गोविंद नगर में एक परिवार दादी की तेरहवीं की तैयारी में जुटा था. वहीं बर्रा में एक मां को उम्मीद थी कि उसका बेटा अगले कुछ दिनों में घर आएगा और हमेशा की तरह उसके साथ बैठकर बातें करेगा. लेकिन शाम होते-होते दोनों घरों की दुनिया बदल चुकी थी.
