जब दुनिया को मिली टाइपराइटर की सौगात, जिसने बदल दिया लिखने का तरीका
आज हम कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन पर कुछ सेकंड में टाइप कर लेते हैं. लेकिन एक समय ऐसा था जब हर दस्तावेज, चिट्ठी और किताब
आज हम कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन पर कुछ सेकंड में टाइप कर लेते हैं. लेकिन एक समय ऐसा था जब हर दस्तावेज, चिट्ठी और किताब हाथ से लिखी जाती थी.
तब लिखना एक लंबी और मेहनत भरी प्रक्रिया हुआ करती थी. ऐसे दौर में आज के दिन ही एक ऐसी मशीन सामने आई, जिसने पूरी
दुनिया में लिखने का तरीका बदल दिया. यह मशीन थी टाइपराइटर.
