तकनीक: परमाणु नाभिक की ऊर्जा से चलेंगी घड़ियां; नेविगेशन से लेकर डार्क मैटर खोज तक, खुल सकती हैं नई संभावनाएं
जर्नल नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यूरोप और चीन की दो स्वतंत्र शोध टीमों ने अपनी-अपनी न्यूक्लियर घड़ियों का विवरण जून के पहले सप्ताह
जर्नल नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यूरोप और चीन की दो स्वतंत्र शोध टीमों ने अपनी-अपनी न्यूक्लियर घड़ियों का विवरण जून के पहले सप्ताह में आर्काइव प्रीप्रिंट सर्वर पर जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे न्यूक्लियर घड़ियां अब केवल एक सैद्धांतिक संभावना नहीं रहीं, बल्कि वास्तविक और उपयोगी परिशुद्धता उपकरण बन चुकी हैं। परंपरागत परमाणु घड़ियां इलेक्ट्रॉनों के ऊर्जा स्तर बदलने पर प्रकाश के अवशोषण से समय मापती हैं। किसी परमाणु के इलेक्ट्रॉन जब एक ऊर्जा स्तर से दूसरे स्तर पर जाते हैं तो वे विशिष्ट आवृत्ति वाले प्रकाश को अवशोषित करते हैं।
इसी स्थिर आवृत्ति को समय मापने के मानक के रूप में उपयोग किया जाता है। लेकिन न्यूक्लियर घड़ी का सिद्धांत इससे अलग है। इसमें समय मापने के लिए इलेक्ट्रॉनों के बजाय परमाणु नाभिक के भीतर मौजूद प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की ऊर्जा अवस्था में होने वाले परिवर्तन का उपयोग किया जाता है।दोनों न्यूक्लियर घड़ियों ने स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन दिखाया। वर्तमान में उनकी सटीकता ऐसी है कि वे लगभग 30 लाख वर्षों में एक सेकंड के बराबर त्रुटि उत्पन्न करेंगी। हालांकि यह आज की सर्वश्रेष्ठ ऑप्टिकल परमाणु घड़ियों से कम है, जो लगभग 40 अरब वर्षों में एक सेकंड का अंतर पैदा करती हैं।
फिर भी वैज्ञानिकों का मानना है कि न्यूक्लियर घड़ियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी मजबूती है। चूंकि नाभिक बाहरी वातावरण से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होता है और क्रिस्टल के भीतर सुरक्षित रहता है, इसलिए ये घड़ियां तापमान, कंपन और अन्य व्यवधानों के प्रति कम संवेदनशील होती हैं।शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में अधिक कॉम्पैक्ट और मजबूत ऑप्टिकल घड़ियों के विकास का आधार बन सकती है, जिनका उपयोग नेविगेशन, संचार और अन्य उच्च सटीकता प्रणालियों में किया जा सकेगा। यूरोपीय टीम के वैज्ञानिक थोर्स्टन शुभ के अनुसार क्रिस्टल आधारित न्यूक्लियर घड़ियों के व्यावसायिक विकास की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है।
वहीं कुछ वैज्ञानिक ऐसे न्यूक्लियर घड़ियों पर काम कर रहे हैं जिनमें थोरियम-229 को क्रिस्टल से अलग रखा जाएगा। डार्क मैटर की खोज में भी निभा सकती हैं भूमिका...न्यूक्लियर घड़ियां केवल समय तक सीमित नहीं हैं। भौतिकविदों का मानना है कि डार्क मैटर के कुछ संभावित रूप परमाणु नाभि को बांधने वाली मूलभूत शक्तियों की तीव्रता में सूक्ष्म बदलाव ला सकते हैं।
