ओडिशा: NGO कर्मियों को समझा बच्चा चोर, बदसलूकी मामले में अब तक 21 गिरफ्तार; NCW ने मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए एनसीडब्ल्यू ने कहा कि यह घटना कथित तौर पर "बच्चा चोर" होने की झूठी अफवाह के बाद हुई। आयोग
मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए एनसीडब्ल्यू ने कहा कि यह घटना कथित तौर पर "बच्चा चोर" होने की झूठी अफवाह के बाद हुई। आयोग ने प्राथमिकी (एफआईआर) का ब्योरा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत लगाए गए प्रावधानों, जांच की स्थिति और अब तक की गई गिरफ्तारियों की जानकारी मांगी है। आयोग ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई, पीड़िता को उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधा, काउंसलिंग और पुनर्वास संबंधी जानकारी भी तलब की है।एनसीडब्ल्यू ने एनजीओ कर्मियों और इंटर्न की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों तथा सामुदायिक पुलिसिंग और जनजागरूकता अभियानों के जरिए भीड़तंत्र की घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी रिपोर्ट मांगी है। ओडिशा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सोवाना मोहंती ने बताया कि उन्होंने 22 वर्षीय महिला एनजीओ कर्मी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। महिला के साथ 16 जून की रात कल्याणसिंहपुर थाना क्षेत्र में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी और भीड़ ने उसके कपड़े उतार दिए थे।मोहंती ने कहा, "मैंने पीड़िता से बात की और उसे भरोसा दिलाया कि उसे न्याय मिलेगा तथा सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।" उन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता जताई, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है।
उधर, अपराध शाखा-सीआईडी की अपराध महिला एवं बाल प्रकोष्ठ (सीएडब्ल्यू एंड सीडब्ल्यू) ने भी मामले की जांच की निगरानी शुरू कर दी है।यह घटना 16 जून की रात कल्याणसिंहपुर थाना क्षेत्र के कंदुलगुड़ा गांव के पास हुई थी। उस समय दिल्ली की एक युवा महिला और गुजरात के उसके पुरुष सहयोगी, जो दोनों एक एनजीओ से जुड़े हैं, कंधमाल जिले के दारिंगबाड़ी से कालाहांडी जिले के थुआमुल रामपुर जा रहे थे। रास्ता भटकने के कारण वे रायगढ़ा जिले के कल्याणसिंहपुर थाना क्षेत्र में पहुंच गए। वहां उन्हें कथित तौर पर बच्चा चोर समझ लिया गया और 100 से अधिक लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया।इस बीच, पुलिस ने इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करने और अफवाहों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कल्याणसिंहपुर में फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च कल्याणसिंहपुर थाने से शुरू होकर स्टेट बैंक चौक तक गया। मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने, अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की।पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अधिकारियों ने कहा कि वीडियो फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर और लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। सीआईडी की आईजीपी शाइनी एस ने इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए कहा कि उनका विभाग महिला एनजीओ कर्मी पर हुए हमले की जांच की निगरानी करेगा।पुलिस कल्याणसिंहपुर थाने की प्रभारी निरीक्षक कल्पना बेहरा पर हुए हमले की भी जांच करेगी। महिला एनजीओ कर्मी और उसके सहयोगी को बचाने की कोशिश के दौरान भीड़ ने उन पर भी हमला किया था। आईजीपी ने कहा कि कल्याणसिंहपुर में जो हुआ वह "बहुत बुरा" है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या
