केरल में शिगेला का बढ़ता खतरा: 10 नए मामले आए सामने, निपाह पर मिली बड़ी राहत; अब इबोला को लेकर हाई अलर्ट
केरल में सोमवार को शिगेला संक्रमण के 10 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में इस वर्ष कुल मामलों की संख्या 226 हो गई है।
केरल में सोमवार को शिगेला संक्रमण के 10 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में इस वर्ष कुल मामलों की संख्या 226 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि शिगेला के ताजा मामले चार जिलों में पाए गए, जिनमें कोझिकोड में सात संक्रमण तथा वायनाड, एर्नाकुलम और मलप्पुरम में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। मंत्री के अनुसार, जून में पूरे राज्य में शिगेला के 150 मामले और छह मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में निपाह वायरस के प्रसार को सफलतापूर्वक रोक दिया है और इबोला के खिलाफ सख्त सावधानी बरती जारी रही है।
केरल के कई जिलों कोझिकोड, वायनाड, त्रिशूर और अलाप्पुझा में इस वायरस को प्रकोप घोषित किया गया है, जबकि मलप्पुरम, तिरुवनंतपुरम, कन्नूर, कोल्लम, इडुक्की, एर्नाकुलम और पलक्कड़ से भी संक्रमण की सूचना मिली है। निपाह के बारे में मुरलीधरन ने कहा कि कोझिकोड में राज्य के बीमारी-नियंत्रण उपाय प्रभावी साबित हुए हैं और इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि संक्रमण पुष्टि किए गए मरीज से आगे फैला हो। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीज की गतिविधियों का पता लगाया, संपर्कों का मानचित्रण किया और उन लोगों की निगरानी की जो संपर्क में आए हो सकते थे। इनमें अस्पताल, कार्यस्थल और मरीज द्वारा देखी गई अन्य जगहों से जुड़े लोग शामिल हैं।मुरलीधरन ने एक बयान में कहा कि लक्षणों वाले 15 संपर्कों से लिए गए सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
संपर्क सूची में कुल 104 लोग शामिल हैं, जिनमें चार को अत्यधिक जोखिम वाली, 14 को उच्च जोखिम वाली और 86 को कम जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। कोई नया संपर्क सूची में नहीं जोड़ा गया है और निगरानी के लिए किसी को नया भर्ती भी नहीं किया गया है। संक्रमित मरीज को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है।मुरलीधरन ने कहा कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बीमारी की खबरों के बाद केरल ने इबोला के खिलाफ निगरानी और तेज कर दी है। प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों पर स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है।
आने वाले लोगों को 21 दिनों तक क्वारंटीन में रहने और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में रहने की सलाह दी गई है। राज्य ने सभी 14 जिलों में आइसोलेशन और क्वारंटीन सुविधाएं स्थापित की हैं तथा संदिग्ध मामलों से निपटने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया है।
