उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल:4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया; आदित्य ने पाला बदलने वालों को बिकाऊ कहा
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंद की शिवसेना में शामिल हो गए। शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेस कर इसका ऐलान किया। डिप्टी सीएम ने कहा, 'जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है। हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए।' इससे पहले सभी बागी सांसदों ने शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले पर बैठक की।
उद्धव के शिवसेना का मुखिया रहते पार्टी में 4 साल में यह दूसरी बड़ी बगावत है। 1991 में बालासाहेब ठाकरे के रहते भी पार्टी में बगावत हुई थी, तब छगन भुजबल 14 विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे। शिंदे गुट के लोकसभा में 7 से बढ़कर 13 सांसद हुए सांसद संजय राउत ने कहा- शिंदे ने 6 गद्दार पैदा किए शिवसेना में 35 साल पहले छगन भुजबल ने बगावत की थी बालासाहेब ठाकरे की मुखिया रहते शिवसेना में पहली बगावत 1991 में हुई थी। पार्टी के नेता छगन भुजबल 14 विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 1999 में शरद पवार जब कांग्रेस से अलग हुए तो छगन भी साथ चले गए।
पवार ने एनसीपी बनाई। 2023 में एनसीपी में टूट हुई तो वे अजित पवार गुट के साथ आ गए। 8 दिन में 6 सांसद बागी हुए 14 जून को उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में संसदीय दल की बैठक बुलाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 4 सांसद नहीं पहुंचे थे। इसके बाद से पार्टी में टूट की अटकलें लगाई जानी लगी थीं। शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं।
शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं।