पानी बचाने के नाम पर पाखंड, क्या विलेन बनेगा किसान? हर्बिसाइड का बड़ा खेल
एक समय था जब देश भूख से मर रहा था, तब सरकार ने किसानों से अनुरोध किया था कि वे देश को इस संकट से
एक समय था जब देश भूख से मर रहा था, तब सरकार ने किसानों से अनुरोध किया था कि वे देश को इस संकट से बचाएं.
किसान पूरी शिद्दत से आगे भी आए. लेकिन अफसोस आज किसानों का दर्द कोई नहीं समझना चाहता. आज उन्हें लालची बताया जा रहा है और
यूरिया डालकर जमीन जहरीली करने का आरोप लगाया जा रहा है. कल तक जो 'अन्नदाता' थे, आज 'गुनहगार' कैसे बन गए.
