MLC चुनाव में क्रॉस-वोटिंग: भाजपा खेमे में हलचल, नितिन नवीन से प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष करेंगे मुलाकात
आर अशोक ने कहा कि भाजपा ने चार दिन पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा था और मंगलवार दोपहर मुलाकात तय हुई है।
आर अशोक ने कहा कि भाजपा ने चार दिन पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा था और मंगलवार दोपहर मुलाकात तय हुई है। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा के दोनों उम्मीदवार जीत गए, लेकिन क्रॉस वोटिंग से स्पष्ट है कि कुछ विधायकों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। ऐसे विधायकों की पहचान के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार तक आने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व को चुनाव के दौरान हुई घटनाओं और क्रॉस वोटिंग की पूरी जानकारी दी जाएगी। अशोक ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें तलब किया है। उन्होंने कहा कि समय उन्होंने खुद मांगा था और राज्य में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान के सवाल पर अशोक ने कहा कि कुछ लोगों पर संदेह है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्रॉस वोटिंग के पीछे धन का लेन-देन हुआ है और इसे विकास के नाम पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने इसे "हॉर्स ट्रेडिंग" करार देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।वहीं, विजयेंद्र द्वारा धर्मस्थल में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाने और विधायकों से भगवान मंजूनाथ के समक्ष शपथ लेने के प्रस्ताव पर अशोक ने कहा कि कई वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध किया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ विधायक सुरेश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा, विपक्ष के उपनेता अरविंद बेल्लद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उनसे बात कर ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में विजयेंद्र से इस विषय पर चर्चा करेंगे और वरिष्ठ नेताओं की सलाह का पालन करेंगे।अशोक ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नाराज है और उन्होंने उन्हें तलब किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया, "ऐसा कुछ नहीं है। हमने मिलने का समय मांगा था, उन्होंने हमें नहीं बुलाया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। राज्य में कई बार क्रॉस-वोटिंग हुई है। अशोक ने कहा कि यदि कांग्रेस ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उसके नेताओं को भी धर्मस्थल जाकर शपथ लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वाली पार्टियां इस तरह के प्रयास करती रही हैं और अतीत में भाजपा ने भी कांग्रेस के कई विधायकों को इस्तीफा देकर अपने साथ आने के लिए राजी किया था। कांग्रेस द्वारा अक्सर लगाए जाने वाले ‘ऑपरेशन कमल’ के आरोपों का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि अब कांग्रेस ने जो किया है, उसे ‘ऑपरेशन हस्त’ कहा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हॉर्स ट्रेडिंग की है और उसे इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने कांग्रेस पर विधायकों को क्रॉस वोटिंग के लिए प्रलोभन देने और हॉर्स ट्रेडिंग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के नेता भाजपा में शामिल होंगे।हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों में सात सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें सत्ताधारी कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं। जनता दल (सेक्युलर) अपनी एकमात्र सीट जीतने में विफल रही। सूत्रों के अनुसार, इन नतीजों से पता चलता है कि भाजपा और जद(एस) के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, जिससे सत्तारूढ़ दल को अपेक्षित 140 वोटों से 11 अधिक, यानी 151 वोट मिले।
