'ज्यादा सोच मत...' कानितकर के 4 शब्द और फिर वैभव का तूफान
श्रीलंका की गर्म दोपहर में जब भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई-नेशन सीरीज का फाइनल शुरू हुआ, तब वैभव सूर्यवंशी के कंधों पर सिर्फ एक
श्रीलंका की गर्म दोपहर में जब भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई-नेशन सीरीज का फाइनल शुरू हुआ, तब वैभव सूर्यवंशी के कंधों पर सिर्फ एक मैच का दबाव नहीं था. चार मुकाबलों में 14, 44, 21 और 38 रनों की पारियां खेलकर उन्होंने 117 रन तो बनाए थे, लेकिन यह वह वैभव नहीं था जिसे दुनिया IPL में देख चुकी थी. स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर था, आक्रामकता भी बरकरार थी, लेकिन बड़े स्कोर गायब थे.
