बंगाल में मदरसों को मिलने वाली रकम आधी हुई:भाजपा सरकार का पहला बजट; महिलाओं को नौकरी में 33% आरक्षण; सरकारी कर्मचारियों का DA 38% हुआ
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को भाजपा सरकार का पहला बजट पेश किया। बजट में कहा गया कि सरकार 1 लाख
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को भाजपा सरकार का पहला बजट पेश किया। बजट में कहा गया कि सरकार 1 लाख से ज्यादा सरकारी पदों को भरेगी और इसमें महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड ₹5,713 करोड़ से घटाकर ₹2,165.42 करोड़ कर दिया। वित्त मंत्री ने बताया कि ₹4 लाख 30 हजार करोड़ के बजट में पूर्व सीएम ममता बनर्जी के समय शुरू हुई सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं (जैसे- अन्नपूर्णा योजना और महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा) को जारी रखा जाएगा। सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाकर 38% कर दिया गया है। वहीं, कोलकाता में एक नए एयरपोर्ट बनने की भी घोषणा की गई है। बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान 'जन गण मन' और कवि गुलाम मुस्तफा की 'अनंत असीम प्रेममय तुमी' (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी। बंगाल सरकार के 10 बड़े फैसले… BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपना- भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा। बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू- CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी। आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
जनगणना को शुरू करने का फैसला- राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था। सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में छूट- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आवेदन की उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है। अफसरों को केंद्रीय ट्रेनिंग पर भेजने की मंजूरी- पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है। भारतीय न्याय संहिता को अपनाना- सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था।