'गद्दारों' को टिकट देने की मजबूरी... उद्धव जैसी क्या ममता की भी बातें होंगी?
उद्धव ठाकरे अपनी तरफ से कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं. अपने हिस्से की बची हुई शिवसेना को बचाए रखने के लिए, यथाशक्ति लगातार
उद्धव ठाकरे अपनी तरफ से कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं. अपने हिस्से की बची हुई शिवसेना को बचाए रखने के लिए, यथाशक्ति लगातार प्रयासरत हैं.
सियासी सफलता के चार सूत्र सुझाए गए हैं. साम, दाम, दंड और भेद. सारे तौर तरीके आजमा पाना तो संभव नहीं है, फिर भी हर
मुमकिन कोशिश जरूर कर रहे हैं.
