Maharashtra Updates: 12 साल से फरार था MBBS में दाखिले के नाम पर ठगी करने वाला शख्स, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर कथित ठगी करने वाले 51 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह शख्स
मुंबई पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर कथित ठगी करने वाले 51 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह शख्स पिछले 12 वर्षों से पांच राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचता फिर रहा था। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की पहचान मुंबई के नागपाड़ा निवासी आबिद यूसुफ अंसारी के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 20 पुलिस थानों में वांछित था। अधिकारी ने बताया कि अंसारी को छह महीने तक चले अभियान के बाद गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से जुटाई गई खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया।
मामला तब सामने आया, जब विष्णु रत्न गुडेका ने सर जे.जे. मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अंसारी ने उनके बेटे को ठाणे के कलवा स्थित एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट दिलाने का झांसा देकर उनसे 42 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 और 468 (जालसाजी) तथा 120बी (आपराधिक साजिश) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए अंसारी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। जांच के दौरान पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान, गुजरात, लोनावला और महाबलेश्वर तक उसके सुरागों का पीछा किया।
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तराखंड पुलिस ने महाबलेश्वर में उसके ठिकाने पर छापा भी मारा था, लेकिन वह वहां से बच निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह मुंबई पहुंचा और अग्रिपाड़ा इलाके की एक आवासीय इमारत में छिप गया। विशेष सूचना मिलने पर मुंबई पुलिस ने जाल बिछाया और इमारत परिसर में उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कई घंटों तक निगरानी की और उचित मौका मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि अंसारी विभिन्न राज्यों में दर्ज कम से कम 18 से 20 ऐसे मामलों से जुड़ा हुआ है।
इनमें से केवल महाराष्ट्र में ही उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं। अधिकारियों ने बताया कि जालगांव की एक स्थानीय अदालत उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है। पुलिस को आशंका है कि ठगी के शिकार लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि अंसारी कथित तौर पर अपने बच्चों का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने की कोशिश कर रहे अभिभावकों को निशाना बनाता था।
