मुंबई बेस्ट हड़ताल खत्म: शिंदे से मुलाकात के बाद कमर्चारियों ने लिया फैसला, सोमवार से दौड़ेंगी बसें
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुंबई में बस सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित करने वाली यह हड़ताल, शिंदे की अध्यक्षता में हुई
अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुंबई में बस सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित करने वाली यह हड़ताल, शिंदे की अध्यक्षता में हुई बातचीत के बाद वापस ली गई। इस बातचीत में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'BEST संयुक्त कामगार कृति समिति' के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों ने हिस्सा लिया था। यह बैठक सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई थी।शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने यह घोषणा तब की जब शिंदे ने कहा कि स्थायी और वेट-लीज कर्मचारियों को क्रमशः 3,000 रुपये और 2,000 रुपये प्रति माह की अंतरिम वेतन वृद्धि मिलेगी।
अहीर ने कहा कि कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगें भी मान ली गई हैं और बेस्ट बसें जल्द ही शहर की सड़कों पर लौट आएंगी।मुंबई में लोकल ट्रेन के बाद बेस्ट बसों को शहर की दूसरी लाइफलाइन माना जाता है। इस हड़ताल के कारण पिछले 3 दिनों से मुंबई महानगर और उसके उपनगरों में सार्वजनिक बस सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई थीं। आम कामकाजी लोगों, दफ्तर जाने वालों और खासकर स्कूली व कॉलेज के छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर बसें न होने के कारण ऑटो और टैक्सी चालकों ने मनमाना किराया वसूला, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ा। लोकल ट्रेनों और मेट्रो में भी आम दिनों के मुकाबले भारी भीड़ देखने को मिली।बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के बैनर तले इस बेमियादी हड़ताल का आह्वान किया गया था। इस आंदोलन में कुल 12 प्रमुख कर्मचारी संघ शामिल थे। कर्मचारियों की मुख्य मांग बेस्ट के बजट को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुख्य बजट के साथ जोड़ना है।
इसके अलावा, कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले चालकों व सहायकों को स्थायी सेवा में शामिल करने की मांग कर रहे थे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी इस आंदोलन का एक बड़ा कारण था।
