'ऑपरेशन टाइगर सफल रहा': उद्धव गुट में टूट पर सीएम फडणवीस ने कसा तंज, शिंदे बोले- मैं अधूरा काम नहीं छोड़ता
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। शिंदे ने उद्धव गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह कभी भी
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। शिंदे ने उद्धव गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह कभी भी कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते हैं। जब भी वह कोई काम हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। शिंदे ने कहा कि उद्धव गुट में एक 'केमिकल लोचा' चल रहा है। वे पहले अपने सांसदों को अपशब्द कहते हैं, फिर उनके वापस आने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही बड़ी ब्रेकिंग न्यूज मिलेगी।17 जून को शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की बैठक हुई थी।
इस बैठक से छह सांसद गायब रहे। इनके नाम संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल आष्टीकर और निंबालकर हैं। तभी से इनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा तेज थी।उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास कुल नौ लोकसभा सांसद हैं। दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई सांसदों की जरूरत होती है। नौ सांसदों के हिसाब से यह संख्या छह होती है। रविवार को इनमें से दो सांसदों ने शिंदे गुट में जाने की पुष्टि कर दी है। फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे ही असली शिवसेना चला रहे हैं।
उनके पास ही बालासाहेब का धनुष-बाण सिंबल है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने 'लाडकी बहिन योजना' पर भी बात की। इस योजना से कुछ लोगों के नाम हटाए गए हैं। फडणवीस ने बताया कि शुरुआत में यह योजना सेल्फ-सर्टिफिकेशन पर शुरू हुई थी। बाद में इनकम टैक्स और आरटीओ के डेटा से इसकी जांच की गई। जांच में कई लोग अपात्र पाए गए। कुछ लाभार्थी इनकम टैक्स देने वाले निकले। कुछ के पास चार पहिया गाड़ियां थीं। कुछ घरों में एक साथ 6-7 लोग लाभ ले रहे थे, जबकि नियम सिर्फ दो महिलाओं का है।
इसलिए सिर्फ अपात्र लोगों को हटाया गया है।आखिर में फडणवीस ने किसान कर्ज माफी योजना का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी का मकसद संकट में फंसे किसानों को दोबारा बैंक से लोन दिलाना है। लेकिन सरकार को यह भी देखना होता है कि ईमानदारी से कर्ज चुकाने वाले किसान खुद को ठगा हुआ न समझें। इसलिए कुछ शर्तें लगाई गई हैं। यह शर्तें यूपीए सरकार की योजनाओं से बहुत आसान और बेहतर हैं। इससे बैंकिंग सिस्टम भी सुरक्षित रहेगा और किसानों को मदद भी मिलेगी।
