VB-G RAM G ड्राफ्ट रुल जारी, लोगों से राय मांगी:देश में 1 जुलाई से लागू होना है, Mgnarega की जगह लेगा
ड्राफ्ट रुल जारी, लोगों से राय मांगी: देश में 1 जुलाई से लागू होना है, MGNAREGA की जगह लेगा नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शनिवार को VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) के ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए। यह नया कानून 1 जुलाई से सभी
ड्राफ्ट रुल जारी, लोगों से राय मांगी: देश में 1 जुलाई से लागू होना है, MGNAREGA की जगह लेगा नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शनिवार को VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) के ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए। यह नया कानून 1 जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। सरकार ने नियमों पर लोगों और संस्थाओं से सुझाव भी मांगे हैं। इसके साथ ही महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लोयमेंट एक्ट (MGNREGA) को खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों को कानून के सेक्शन 33 और दूसरे संबंधित प्रावधानों के तहत तैयार किया गया है।
अंतिम मंजूरी से पहले इन्हें सार्वजनिक किया गया है, ताकि राज्यों, विशेषज्ञों और आम लोगों की राय ली जा सके। सभी पक्ष अपनी राय दे सकेंगे ड्राफ्ट नियमों में उन केंद्र शासित प्रदेशों के खर्च का भी जिक्र है, जहां विधानसभा नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का मकसद पूरे देश में कानून को लागू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक, वित्तीय और निगरानी व्यवस्था तैयार करना है। सरकार चाहती है कि नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी पक्ष अपनी राय दे सकें। मनरेगा से नई योजना में ऐसे होगा बदलाव ड्राफ्ट नियमों में MGNREGA से VBG RAM G में बदलाव की प्रक्रिया भी बताई गई है।
VBG RAM G नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना होगी, जो मौजूदा मनरेगा की जगह लेगी। बदलाव के दौरान चल रहे काम बंद नहीं होंगे। पुरानी देनदारियों का भुगतान किया जाएगा और जरूरी रिकॉर्ड नई व्यवस्था में ट्रांसफर किए जाएंगे। e-KYC से सत्यापित जॉब कार्ड भी मान्य रहेंगे। जब तक राज्य नई योजना को लागू करने की अधिसूचना जारी नहीं करते, तब तक मजदूरों के मौजूदा अधिकार भी जारी रहेंगे। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने दी है। नए कानून से ज्यादा काम मिलेगा सरकार ने कहा कि नए कानून में हर ग्रामीण परिवार को अब साल में 125 दिन काम देने की गारंटी होगी, जो पहले 100 दिन थी।
इससे गांवों में रहने वाले परिवारों को ज्यादा काम मिलेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। कानून की धारा 22 के तहत इस योजना के खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करेंगी। सामान्य राज्यों में खर्च का बंटवारा 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य के बीच होगा। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च उठाएगी। धारा 6 के अनुसार, राज्य सरकारें खेती के व्यस्त समय, जैसे बुवाई और कटाई के दौरान, साल में अधिकतम 60 दिनों तक इस योजना के तहत मिलने वाले काम को नियंत्रित कर सकेंगी।