आसमान से बरस रही आग: कई राज्यों में पारा 48 डिग्री के पार; 28 मई तक चलेगी हीटवेव, छह दिन तक ऑरेंज अलर्ट
इन राज्यों में दिखेगा गर्म हवाओं का असर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी गर्म हवाओं का असर लगातार बना हुआ है। हरियाणा के रोहतक में तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फरीदाबाद के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया। गुरुग्राम में तापमान 42
इन राज्यों में दिखेगा गर्म हवाओं का असर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी गर्म हवाओं का असर लगातार बना हुआ है। हरियाणा के रोहतक में तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फरीदाबाद के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया। गुरुग्राम में तापमान 42 डिग्री से ऊपर रहने के कारण प्रशासन ने 24 से 27 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि गर्म और शुष्क हवाएं अभी जारी रहेंगी। मध्य भारत है भीषण गर्मी के चपेट में मध्य भारत, खासकर मध्य प्रदेश, लंबे समय से भीषण गर्मी की चपेट में है। पूर्वी मध्य प्रदेश में पूरे सप्ताह गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
लगातार गर्म रातें लोगों की परेशानी और बढ़ा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक ऐसी गर्मी में रहने से डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। क्या है पूर्वी-दक्षिण भारत का हाल? पूर्वी भारत के झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गर्मी के साथ उमस भी लोगों को परेशान कर रही है। आईएमडी ने ओडिशा में 26 मई तक गर्म रातों की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती नमी के कारण गर्मी और ज्यादा खतरनाक महसूस हो रही है, खासकर तटीय और निचले इलाकों में। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव का असर दिखाई देने लगा है।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक लू चलने की संभावना है। विजयवाड़ा में लोगों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए प्रमुख चौराहों पर हरे रंग के शेड नेट लगाए गए हैं। पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी तेज हैरानी की बात यह है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों में भी असामान्य गर्मी दर्ज की जा रही है। आईएमडी ने इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव की संभावना जताई है, जिससे साफ है कि इस बार गर्मी का असर पूरे देश में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। क्या है विशेषज्ञों की राय? जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में हीटवेव की बढ़ती तीव्रता और अवधि के पीछे जलवायु परिवर्तन एक बड़ी वजह है।
अध्ययनों के अनुसार देश में हर दशक में हीटवेव की अवधि लगभग 0.44 दिन बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि अब सिर्फ दिन की गर्मी ही नहीं, बल्कि रात का बढ़ता तापमान और नमी भी हालात को ज्यादा खतरनाक बना रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों, बाहर काम करने वाले मजदूरों और पहले से बीमार लोगों को है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी सलाहों का पालन करने की अपील की है।
