EU ने हटाया यात्रा प्रतिबंध: असम घूमने आ सकेंगे यूरोपीय देशों के नागरिक, सीएम सरमा ने खुद दी जानकारी
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ का यह कदम राज्य
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ का यह कदम राज्य के विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इससे राज्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या तो बढ़ेगी ही, साथ ही व्यापार और उद्योग जगत में निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।मुख्यमंत्री सरमा ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए इसे असम के बदलते और सुधरते माहौल का नतीजा बताया। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और जापान पिछले साल ही असम के लिए अपनी ऐसी यात्रा सलाह हटा चुके हैं।
अब इस सूची में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश भी शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे असम की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक बड़ा भरोसा करार दिया।इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे एक बड़ी वजह हाल ही में हुआ एक दौरा भी रहा। इसी महीने यूरोपीय संघ के एक उच्च स्तरीय राजनयिक दल ने असम का दो दिवसीय दौरा किया था। इस दौरे के दौरान असम और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, निवेश और विकास से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर गंभीर चर्चा हुई थी। इसी दौरे के बाद भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन के सहयोग से यह बड़ा फैसला लिया गया।इस बड़ी राहत के बीच मुख्यमंत्री ने एक जरूरी बात भी साफ की।
उन्होंने बताया कि राज्य के तीन जिलों में यह प्रतिबंधात्मक सलाह अभी भी लागू रहेगी। चराइदेव, शिवसागर और डिब्रूगढ़ (तिनसुकिया) जिलों में सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम लागू है। इसी वजह से तकनीकी और सुरक्षा कारणों से इन तीन जिलों को अभी इस छूट से बाहर रखा गया है। इसके साथ ही असम सरकार अब अमेरिका और कनाडा से भी ऐसी ही पाबंदियां हटवाने के लिए लगातार बातचीत कर रही है।दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव के जरिए स्थानीय युवाओं और उद्यमियों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि अब विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए कमर कस लेने का समय आ गया है।
यूरोपीय पर्यटक आलीशान पांच सितारा होटलों के बजाय असम की असली संस्कृति, यहां का पारंपरिक खान-पान और प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखना पसंद करते हैं। इसके लिए राज्य के गांवों और कस्बों में साफ-सुथरे और अच्छे 'होमस्टे'तैयार करने की बड़ी जरूरत है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतरीन मौके मिलेंगे।
