निर्मला सीतारमण का प्रेरक अंदाज: मेघालय में खुद भी चाक पर आजमाया हाथ, किया कला को वैश्विक बाजार दिलाने का वादा
वित्त मंत्री ने बर्तन बनाने की पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने सदियों पुरानी इस कला को जिंदा रखने के लिए कारीगरों की तारीफ की। निर्मला
वित्त मंत्री ने बर्तन बनाने की पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने सदियों पुरानी इस कला को जिंदा रखने के लिए कारीगरों की तारीफ की। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह शिल्प मेघालय की असली पहचान है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसे बचाना जरूरी है। आने वाली पीढ़ी को भी यह हुनर सीखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस जीआई-टैग्ड कला को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। इससे स्थानीय समुदायों को और ताकत मिलेगी।इसके बाद वित्त मंत्री प्रसिद्ध नार्टियांग मोनोलिथ्स देखने गईं। इस इलाके में महापाषाण स्मारकों का बहुत बड़ा संग्रह है। वहां उन्हें इस जगह के पुरातात्विक महत्व की जानकारी दी गई। उन्होंने श्री मां जयंती मंदिर के भी दर्शन किए।
साथ ही नार्टियांग हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मेघालय की संस्कृति को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटन और पारंपरिक आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है।वित्त मंत्री ने वाहियाजेर मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया। इसमें एक शानदार फुटबॉल स्टेडियम बना है।
उन्होंने कहा कि खेल के नए मैदानों से युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इससे नई प्रतिभाएं सामने आएंगी। समाज का विकास होगा। सरकार का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर विकास करने पर है।
