TMC में रार: बागी ऋतब्रत पर बरसे कुणाल घोष, कहा-दागी था पैसा तो चुनाव में क्यों किया इस्तेमाल, क्या है मामला?
सीधे थाने पहुंची लड़ाई, 600 करोड़ रुपये के फंड पर घमासान तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह लड़ाई अब सीधे थाने पहुंच गई है। पार्टी
सीधे थाने पहुंची लड़ाई, 600 करोड़ रुपये के फंड पर घमासान तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह लड़ाई अब सीधे थाने पहुंच गई है। पार्टी के बागी विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत साइबर क्राइम पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। विधायकों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बागी गुट पार्टी से जुड़े कुछ विशिष्ट बैंक खातों की विस्तृत जांच चाहता है। इस कदम से टीएमसी के भीतर जारी विवाद को एक नया और बेहद गंभीर मोड़ मिल गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा विवाद बैंक लॉकरों में रखे 600 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम फंड से जुड़ा हुआ है। खबर अपडेट की जा रही है... तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह लड़ाई अब सीधे थाने पहुंच गई है। पार्टी के बागी विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत साइबर क्राइम पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। विधायकों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बागी गुट पार्टी से जुड़े कुछ विशिष्ट बैंक खातों की विस्तृत जांच चाहता है।
इस कदम से टीएमसी के भीतर जारी विवाद को एक नया और बेहद गंभीर मोड़ मिल गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा विवाद बैंक लॉकरों में रखे 600 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम फंड से जुड़ा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है। बेलेघाटा से टीएमसी विधायक और वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने अपनी ही पार्टी के सहयोगी ऋतब्रत बनर्जी को आड़े हाथों लिया है। घोष ने बनर्जी की नैतिक प्रामाणिकता पर सीधे सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने पूछा कि अगर ऋतब्रत को पार्टी के फंड पर इतना ही संदेह था, तो उन्होंने चुनाव के दौरान उस पैसे का इस्तेमाल क्यों किया। कुणाल घोष ने कहा कि अगर बागी ऋतब्रत को लगता है कि टीएमसी के खाते में दागी पैसा है, तो उन्होंने इसे क्यों स्वीकार किया और चुनावी उद्देश्यों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों किया? अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मामला क्या है? क्यों कुणाल घोष भड़क गए हैं। आइए, जानते हैं...
