'देश बाद में, प्रचार पहले': कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा- ट्रंप के सामने नाविकों की मौत पर चुप रहे PM मोदी
पवन खेड़ा ने कहा कि वह सोफे पर सिमटकर बैठे थे। वह ट्रंप को 'एक्सीलेंसी' कहकर संबोधित कर रहे थे। यह देखना सच में बेहद
पवन खेड़ा ने कहा कि वह सोफे पर सिमटकर बैठे थे। वह ट्रंप को 'एक्सीलेंसी' कहकर संबोधित कर रहे थे। यह देखना सच में बेहद शर्मनाक था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई कंपनी एजेंट अपने बॉस से बात कर रहा हो। हमने पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह का नहीं देखा। कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका ने तीन भारतीय नाविकों को मार डाला। इसके बावजूद ट्रंप ने इस पर खेद तक व्यक्त नहीं किया। यह इसलिए हुआ क्योंकि नरेंद्र मोदी वहां बिल्कुल दबे हुए बैठे रहे। वह सिर्फ अपनी तारीफ सुनकर ही संतुष्ट हो गए।खेड़ा ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी मुस्कुराते रहे। उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप से एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्हें बस अपनी त्वचा की तारीफ पसंद आ गई। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर मार्को रूबियो से फटकार सुनकर लौटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी त्वचा की तारीफ सुनकर आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार का वैश्विक मंच पर ऐसा अपमान देखना बहुत दुखद है। यह 'नेशन फर्स्ट' नहीं, बल्कि 'पीआर फर्स्ट' है।पवन खेड़ा ने कहा कि मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए खोबरागड़े मामले में अमेरिका को जो कड़ा संदेश दिया था, उससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।
यह यूपीए सरकार ही थी जो पाकिस्तान को एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' में डलवाने में सफल रही थी। लेकिन आज पीएम मोदी के दोस्त ट्रंप पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को रात्रिभोज पर बुला रहे हैं। यह 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हो रहा है।राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1986 में 'वॉयस ऑफ अमेरिका' भारत के तट के पास श्रीलंका में एक ट्रांसमीटर लगाना चाहता था। राजीव गांधी ने ऐसा नहीं होने दिया था। अंग्रेजों को देश से भगाने में हमें 200 साल लगे। लेकिन नरेंद्र मोदी ने महज 12 साल में वैसी ही गुलामी वापस ला दी है।खेड़ा ने दावा किया कि जब मोदी और ट्रंप साथ बैठे, तो तीन चीजें हुईं। पहला, अमेरिका ने 'यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड' का नाम बदलकर फिर से 'यूएस पैसिफिक कमांड' कर दिया। दूसरा, अमेरिका ने पीओके क्षेत्र को अपने नक्शे में पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया। तीसरा, अमेरिकी विदेश विभाग ने जुलाई 2026 के वीजा बुलेटिन में भारतीयों के लिए ईबी-2 और ईबी-5 वीजा को निलंबित कर दिया।पवन खेड़ा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ बैठक में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा नहीं उठाया।
उन्होंने एकतरफा अमेरिकी व्यापार सौदे पर बात नहीं की। ट्रंप के 'ऑपरेशन सिंदूर' युद्धविराम के दावों पर भी कोई चर्चा नहीं की। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी इंदिरा गांधी से नहीं सीखना चाहते, तो कम से कम इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से सीख लेते। मेलोनी ने ट्रंप के दावों का आंख में आंख डालकर दृढ़ता से जवाब दिया था, जब ट्रंप ने कहा था कि मेलोनी ने उनके साथ फोटो के लिए भीख मांगी थी।खेड़ा ने आगे कहा कि अमेरिका ने मार्च में 'आईआरआईएस देना' जहाज को तारपीडो से उड़ाकर डुबो दिया था। वह जहाज हमारा मेहमान था। मोदी ने ट्रंप के सामने यह मुद्दा भी नहीं उठाया। ट्रंप का यह बयान कि 'अगर मोदी के पीएम रहते किसी ने भारत पर हमला किया तो अमेरिका मदद करेगा', ऐसा लगता है जैसे हम कोई अमेरिकी कॉलोनी हों, जबकि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं।इससे पहले भी कांग्रेस ने सार्वजनिक बयानों के दौरान नाविकों की मौत का जिक्र न करने पर मोदी को घेरा था। कांग्रेस ने इसे 'दयनीय' और 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया था। हालांकि, पीएम मोदी ने फ्रांस के एवियन-ले-बां में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर ट्रंप के सामने नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा सामान्य रूप से उठाया था।
