Kailash Mansarovar Yatra: सात साल बाद फिर खुला कैलाश मानसरोवर का रास्ता: आज नाथू ला से रवाना होगा पहला जत्था
बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा शनिवार को शुरू होगी, जिसमें तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सिक्किम में नाथू ला दर्रे से अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करेगा। भक्तों
बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा शनिवार को शुरू होगी, जिसमें तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सिक्किम में नाथू ला दर्रे से अपनी आध्यात्मिक यात्रा शुरू करेगा। भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक यह यात्रा चीन के तिब्बत में स्थित पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील की यात्रा की पुनः शुरुआत का प्रतीक है। नाथू ला मार्ग से यात्रा करेंगे तीर्थयात्री इस वर्ष कुल 500 तीर्थयात्री नाथू ला मार्ग से यात्रा करेंगे। तीर्थयात्रियों को 50-50 प्रतिभागियों के 10 जत्थों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जत्थे के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा सहायक होगा, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय और आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके।
The #KailashManasarovarYatra2026, organised by the Ministry of External Affairs in coordination with the Government of the People's Republic of China, departs Indian territory on 20 June. The Embassy team warmly welcomes all pilgrims travelling to the holy Mt Kailash and sacred… pic.twitter.com/cuJmhwzVJq — India in China (@EOIBeijing) June 19, 2026 राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने तीर्थयात्रियों को दिया विशेष संदेश यात्रा से पहले, चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने एक वीडियो संदेश जारी कर तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी साझा की। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा, 'विदेश मंत्रालय द्वारा चीन सरकार के साथ मिलकर आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026, 20 जून को भारतीय क्षेत्र से रवाना हो रही है।
दूतावास की टीम सरकारी और निजी दोनों माध्यमों से पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील की यात्रा करने वाले सभी तीर्थयात्रियों का हार्दिक स्वागत करती है।' तैयारियों की हुई समीक्षा दूतावास ने यह भी बताया कि राजदूत दोराईस्वामी और उनकी टीम ने हाल ही में सिक्किम और उत्तराखंड से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र तक जाने वाले यात्रा मार्गों पर प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट्स का दौरा किया, ताकि तैयारियों और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सके। इस समीक्षा में सिक्किम का नाथू ला दर्रा मार्ग और उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा मार्ग दोनों शामिल थे। याडोंग तक बस यात्रा, भोजन और करेंसी एक्सचेंज की सुविधा अपने संदेश में राजदूत दोराईस्वामी ने बताया कि नाथू ला से गुजरने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत चीनी सीमा शुल्क और इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
इसके बाद उन्हें बस से याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा। उन्होंने यात्रा कार्यक्रम, ठहरने की व्यवस्था, भोजन सुविधाओं और मार्ग में उपलब्ध करेंसी एक्सचेंज की भी जानकारी दी। श्रद्धालुओं के लिए जारी होंगी नई एडवाइजरी और वीडियो दूतावास ने कहा कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए आने वाले दिनों में और वीडियो तथा यात्रा संबंधी परामर्श (एडवाइजरी) जारी किए जाएंगे। दूतावास ने सभी यात्रियों की सुरक्षित, संतोषजनक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की कामना की।
