4,000 की फौज और प्यास, लेकिन नहीं झुके इमाम हुसैन, जानिए कर्बला की दास्तान
Muharram 2026: इतिहास में बहुत युद्ध बहुत हुए हैं, लेकिन 10 अक्टूबर, 680 ईस्वी (10 मुहर्रम, 61 हिजरी) की घटना ऐसी है जो केवल एक
Muharram 2026: इतिहास में बहुत युद्ध बहुत हुए हैं, लेकिन 10 अक्टूबर, 680 ईस्वी (10 मुहर्रम, 61 हिजरी) की घटना ऐसी है जो केवल एक तारीख बनकर नहीं, बल्कि न्याय के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के रूप में दर्ज है. इराक के कर्बला के रेगिस्तान में जो हुआ, वह सत्ता और उसूलों के बीच की वह लड़ाई थी जिसने इंसानियत की परिभाषा बदल दी. इराक के कर्बला में हुई यह घटना इमाम हुसैन और उमय्यद खलीफा यजीद प्रथम की सेनाओं के बीच हुई थी.
