मानसून 23 जून को तेलंगाना से आगे बढ़ेगा:मध्य भारत में मानसून लाने वाला सिस्टम एक्टिव हुआ; एमपी-बिहार-झारखंड में बिजली गिरने से 16 की मौत
मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और
मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून के लिए जरूरी सिस्टम सक्रिय हो गए हैं। मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन 8 जून से तेलंगाना में अटका हुआ है। 11 दिन हो गए हैं, यह आगे नहीं बढ़ रहा है। वहीं, यूपी और राजस्थान समेत 8 राज्यों में प्री-मानसून के बावजूद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बिहार के वैशाली में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई है। इनमें से तीन मौतें वैशाली जिले में हुईं, जबकि नवादा और जमुई जिले में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
नेपाल में भारी बारिश के कारण किशनगंज में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। झारखंड में पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 8 लोगों की जान गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो साल का बच्चा भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 3 मौतें हजारीबाग में हुईं। राजस्थान के 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में शुक्रवार को बिजली गिरने से काका-भतीजे की मौत हो गई। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून देशभर में मौसम की 4 तस्वीरें… 8 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2°C दर्ज किया गया।
वहीं यूपी के प्रयागराज में 43.6°C, एमपी के खजुराहो 42.4°C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.1°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42°C, बिहार के छपरा में 41.8°C और झारखंड के डाल्टनगंज में 40°C रहा। अल नीनो के हालात भी बन रहे अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) ने उपग्रह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, इससे मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्य रूप से जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है। अल नीनो की परिस्थितियां भी बन रही हैं। इससे लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं।
लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनापन कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 21 जून: 22 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली बहुत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।