जब 500 साल से कब्र में सो रहे तैमूर को स्टालिन ने जगाया, कहानी एक श्राप की
कहानी आज से 85 साल पुरानी है. उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में 20 जून 1941 को एक कब्र पर कुछ हथौड़े ठक-ठक कर रहे थे
कहानी आज से 85 साल पुरानी है. उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में 20 जून 1941 को एक कब्र पर कुछ हथौड़े ठक-ठक कर रहे थे.
कब्र में लगभग 500 सालों से एक लुटेरा शहंशाह खामोश सोया था. नाम था- तैमूर. वहीं तैमूर जो शहरों में अपने दुश्मनों की खोपड़ियों की मीनारें सजाता था.
1405 में मरे तैमूर की कब्र 1941 में क्यों खोदी गई. इसके साथ जुड़ी श्राप की क्या कहानी है?
