NIA चार्जशीट में खुलासा- लश्कर ने करवाया था पहलगाम हमला:पाकिस्तान के कसूर में रहता है मास्टरमाइंड साजिद जट्ट; 2019 में द रेजिस्टेंस फ्रंट बनाया था
चार्जशीट में खुलासा- लश्कर ने करवाया था पहलगाम हमला: पाकिस्तान के कसूर में रहता है मास्टरमाइंड साजिद जट्ट; 2019 में द रेजिस्टेंस फ्रंट बनाया था नई दिल्ली 42 मिनट पहले कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। यह खुलासा नेशनल
चार्जशीट में खुलासा- लश्कर ने करवाया था पहलगाम हमला: पाकिस्तान के कसूर में रहता है मास्टरमाइंड साजिद जट्ट; 2019 में द रेजिस्टेंस फ्रंट बनाया था नई दिल्ली 42 मिनट पहले कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। यह खुलासा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में हुआ है। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था। साजिद, पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था। हमले के दौरान उसने तीनों आतंकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बैसरन वैली की लोकेशन भेजी थी। हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था। 15 दिसंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट की डिटेल्स अब सामने आई हैं। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बैसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी।
16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। गिरफ्तार किए गए टूरिस्ट गाइड परवेज और बशीर। टूरिस्ट गाइड बताते तो हमला नहीं होता NIA चार्जशीट के मुताबिक टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमला को टाला जा सकता था। दोनों गाइड ने आतंकियों को बैसरन में देखा था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बताया। दोनों गाइड्स गिरफ्तार हो चुके हैं। हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खुदा के नाम पर मदद मांग कर खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग भी की थी। चार्जशीट के मुताबिक यह हमला धर्म के आधार पर टारगेटेड मर्डर का है, जिसमें 25 टूरिस्ट और एक लोकल की मौत हुई। 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया है।
जेड मोड़ टनल पर हमले में भी शामिल साजिद, 2005 में वह बॉर्डर क्रॉस करके दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घुसा था। पैर में गोली लगने के कारण साजिद नकली पैर लगाता है। इसलिए उसे लंगड़ा कहा जाता है। उस पर भर्ती, फंडिंग, घुसपैठ और आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप हैं। 2019 में साजिद जट्ट लंगड़ा ने ही लश्कर के प्रॉक्सी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को खड़ा किया था। उसे जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का हैंडलर और ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है। NIA ने उसे कई हमलों की साजिश से जोड़ा है, जिनमें पहलगाम हमला, डांगरी हमला, पुंछ एयरफोर्स काफिले पर हमला और रियासी बस हमला शामिल हैं। आतंकी लंगड़ा और उसके तीनों गुर्गे 20 अक्टूबर 2024 को श्रीनगर की जेड मोड़ टनल फायरिंग में भी शामिल थे। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। तब सुरक्षा बलों ने एक आतंकी जुनैद को मार गिराया था। उसके पास से बरामद ग्रो प्रो कैमरा और एम4 कार्बाइन तीनों आतंकियों के समान ही थे।
दोनों वारदातों का टेरर मॉड्यूल एक ही था। पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर हो चुके NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर। पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे।