परमाणु हथियारों की संख्या में लगभग बराबरी; जानें भारत और पाकिस्तान में से किसका पलड़ा है भारी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्तियां हैं और उनके परमाणु हथियारों की संख्या में लगभग बराबरी है। पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु वॉरहेड हैं, जबकि भारत के पास लगभग 172 वॉरहेड हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह नाजुक संतुलन दक्षिण एशिया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्तियां हैं और उनके परमाणु हथियारों की संख्या में लगभग बराबरी है। पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु वॉरहेड हैं, जबकि भारत के पास लगभग 172 वॉरहेड हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह नाजुक संतुलन दक्षिण एशिया को दुनिया के सबसे संवेदनशील परमाणु क्षेत्रों में से एक बनाता है।
पाकिस्तान का शस्त्रागार पाकिस्तान की परमाणु क्षमता लैंड, एयर और उभरते समुद्री प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है। जमीन आधारित मिसाइलें: अब्दाली, गजनवी (शॉर्ट रेंज), शाहीन-1, शाहीन-2, गौरी (मीडियम रेंज), शाहीन-3 (लॉन्ग रेंज)। टैक्टिकल मिसाइल: नस्र (बैटलफील्ड उपयोग के लिए)। क्रूज मिसाइल: बाबुर-1 और बाबुर-2। एयर लॉन्च्ड: रा’द-1 और रा’द-2। समुद्री: बाबुर-3 (सबमरीन लॉन्च्ड)। पाकिस्तान MIRV तकनीक (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल) वाली अबाबील मिसाइल भी विकसित कर चुका है।
भारत का शस्त्रागार भारत की नीति “क्रेडिबल मिनिमम डिटेरेंस” और “नो फर्स्ट यूज” पर आधारित है। जमीन आधारित: पृथ्वी-2, अग्नि-1 (शॉर्ट रेंज), अग्नि-P (नई प्रिसीजन स्ट्राइक), अग्नि-5 (इंटरकॉन्टिनेंटल, 5000+ किमी), अग्नि-6 (विकासाधीन)। वायु सेना: मिराज-2000, जगुआर और राफेल जैसे परमाणु सक्षम विमान। समुद्री: K-15, K-4 और K-5 (विकासाधीन) सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें, जो INS अरिहंत जैसे न्यूक्लियर सबमरीन्स पर तैनात हैं।
दोनों देशों की रणनीति में अंतर पाकिस्तान पारंपरिक युद्ध में भारत की श्रेष्ठता को संतुलित करने के लिए टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स पर जोर देता है। वहीं भारत लंबी दूरी की मिसाइलों और दूसरी हमले की क्षमता पर फोकस करता है, खासकर समुद्री प्लेटफॉर्म के जरिए।
