Lucknow, India

नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम की तर्ज पर लद्दाख को मिलेंगे लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा

Published 23 May 2026 · politics

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से नागालैंड, सिक्किम और मिजोरम की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। फिलहाल, लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, लेकिन विधायी, कार्यकारी व वित्तीय शक्तियां निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होंगी। नई दिल्ली

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से नागालैंड, सिक्किम और मिजोरम की तर्ज पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। फिलहाल, लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, लेकिन विधायी, कार्यकारी व वित्तीय शक्तियां निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होंगी। नई दिल्ली में शुक्रवार की शाम को हुई गृह मंत्रालय की सब कमेटी की बैठक में यह सहमति बनी। गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम चार बजे शुरू हुई बैठक में तय किया कि लद्दाख को नागालैंड, सिक्किम व मिजोरम में लागू अनुच्छेद 371ए, 371एफ और 371जी की तर्ज पर अधिकार मिलेंगे।

बैठक में लेह अपेक्स बॉडी की ओर से पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पहली बार गृह मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए। लेह के हिंसक प्रदर्शन के बाद रासुका लगने पर जोधपुर जेल में रखे गए वांगचुक को लद्दाख के मुद्दे पर बातचीत के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए हाल ही में रिहा किया गया था।बैठक में गृह मंत्रालय के अधिकारियरों ने फिलहाल लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से इन्कार कर दिया। इस दौरान तर्क दिया गया कि लद्दाख की राजस्व आय सरकारी खर्चों, विशेषकर कर्मचारियों के वेतन को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

पूर्ण राज्य की मांग का बीच का रास्ता वहीं, दूसरी ओर गृह मंत्रालय ने लेजिस्लेटिव बॉडी के गठन का प्रस्ताव देकर संकेत दिए हैं कि यह व्यवस्था भविष्य में पूर्ण राज्य के दर्जे की दिशा में एक महत्वपूर्ण हो सकती है। खबरें और भी इससे पहले बैठक में लद्दाख के संगठनों ने लोकतंत्र की बहाली, संवैधानिक सुरक्षा, राज्य का दर्जा व छठी अनुसूची के संरक्षण जैसी मांगों को दोहराया। इस दौरान दोनों पक्षों ने लद्दाख के हित के लिए नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम की तर्ज पर संवैधानिक सुरक्षा, अधिकार मिलने को महत्वपूर्ण बताया।

वहीं, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस व लेह अपेक्स बॉडी ने यहां जारी बयान में स्पष्ट किया है कि वे कानूनी व संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श कर गृह मंत्रालय के साथ मिलकर इस व्यवस्था के विस्तृत संचालन तंत्र को अंतिम रूप देंगे।

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